फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: गलवाडे चक की छोटी नहर के किनारे टूटने से 40 एकड़ कृषि भूमि डूबी

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


दोमाना। रणवीर नहर से निकलने वाली गलवाडे चक की छोटी नहर में जगह-जगह लीकेज होने के कारण किसानों की मेहनत पानी-पानी हो रही है। खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। कई बीघा में लगी हरी घास, सब्जियां, मक्की की फसल खराब होने के कगार पर है। लीकेज से गलवाडे चक मढ़ के किसानों के साथ ही चट्ठा का अन्नदाता भी प्रभावित हैं। मढ़ के किसानों ने कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया है। इसके बावजूद आज तक कुछ नहीं हो पाया। गलवाडे चक के किसानों ने बताया कि उनकी जमीन के पास से नहर निकलती है। नहर के किनारे टूटे हुए हैं, जिससे पानी खेतों में जमा हो रहा है। दिन-रात रिसाव होने से करीब 40 एकड़ कृषि भूमि खराब हो रही है। आज भी खेतों में पानी भरा हुआ है। 7 साल से हालात दयनीय है। नुकसान का न मुआवजा मिलता है, न ही कोई अधिकारी सुनने को तैयार है। इसी तरह गांव चट्ठा में भी स्थिति बद से बदतर है। किसानों का कहना है -अधिकारी मुआयना कर चले गए, लेकिन समस्या पहले ही जैसी है।
हरा चारा, टमाटर और मक्की की फसल हो गई बर्बाद

गलवाडे चक के जीत राज ने बताया कि खेतों में जलभराव के कारण जमीन व फसल खराब हो रही है। उनके पास नौ कनाल जमीन है। संतोष कुमार ने बताया कि 10 कनाल में से 7 कनाल जमीन में मक्की और हरा चारा लगाया है, जो बर्बाद हो गया। अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बलवंत राज का कहना है - 10 कनाल में पानी जमा होने से मक्की की फसल खराब हो गई है। नहर में गाद व झाड़ियां पानी के बहाव को अवरुद्ध कर रही है। अगर जल्द नहर के किनारे दीवार नहीं बनाई तो कई किसानों की फसल बर्बाद हो जाएगी। फांदू राम ने बताया कि 7 कनाल में हरा चारा खराब हो गया। विभागीय लापरवाही के कारण परेशान हैं। संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि लीकेज के कारण एक किमी दूर कारलूप व अन्य क्षेत्रों में नहर का पानी नहीं पहुंच पा रहा। चार कनाल में टमाटर की फसल पानी भरने से सड़ गई। संतोष सिंह चिब ने कहा कि समय पर धान की बुआई नहीं हो पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



नहर में लीकेज से किसानों की फसल बर्बाद होने की शिकायतें मिल रही हैं। रिंग रोड के काम से निकासी खराब हो गई। मरम्मत के काम को बजट में रखा है। जल्द ही नहर दुरुस्त करवाई जाएगी और किसानों की समस्या का हल होगा।
एफआर भगत, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें