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Plot on Moon: जम्मू के रूपेश ने चांद पर खरीदी एक एकड़ जमीन, इस खास सूची में जुड़ा नाम

Thu, 31 Aug 2023 12:14 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू के रूपेश ने चांद पर लेक ऑफ हैप्पीनेस में एक एकड़ जमीन ली है। अबेकस के क्षेत्रीय निदेशक रुपेश मैशन ने बताया कि चंद्रयान -3 जब चांद की जमीन पर उतरा तो जिज्ञासावश उन्होंने चीजों को खंगालना शुरू किया। इस बीच पता चला कि चांद पर जमीन भी खरीदी जा सकती है।
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जम्मू के रूपेश ने चांद पर जमीन खरीदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आपको भले ही आश्चर्यजनक लगे, लेकिन यह हकीकत है। जम्मू के रुपेश मैशन ने चांद पर जमीन खरीद ली है। रजिस्ट्री के कागजात भी उन्हें मिल गए हैं। न्यूयार्क सिटी के द लूनर रजिस्ट्री के जरिये उन्होंने यह प्लॉट खरीदा है। उनका मानना है कि फिलहाल वहां रहना संभव तो नहीं है, लेकिन इसके जरिये लोगों में विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़े इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर उन्होंने जमीन खरीदी।

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लेक ऑफ हैप्पीनेस में उन्होंने एक एकड़ जमीन ली है। अबेकस के क्षेत्रीय निदेशक रुपेश मैशन ने बताया कि चंद्रयान -3 जब चांद की जमीन पर उतरा तो जिज्ञासावश उन्होंने चीजों को खंगालना शुरू किया। इस बीच पता चला कि चांद पर जमीन भी खरीदी जा सकती है।

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने भी खरीद रखी है जमीन

इसी कड़ी में उन्होंने छानबीन की तो पता चला कि अमेरिका की लूनर रजिस्ट्री के जरिये जमीन की बिक्री चल रही है। वहां के तीन पूर्व राष्ट्रपतियों जॉर्ज बुश, जिमी कार्टर व रोनाल्ड रीगन ने जमीन खरीदी है। इसके अलावा दिवंगत बॉलीवुड कलाकार सुशांत सिंह राजपूत ने भी जमीन खरीद रखी है। बॉलीवुड की हस्ती शाहरुख खान को भी किसी ने जमीन गिफ्ट की है। उन्होंने बताया कि अब तक 675 लोगों ने चांद पर जमीन खरीदी है। इस तरह रूपेश का नाम भी इस सूची में शामिल हो गया है।

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Moon - फोटो : iStock
कागज मिले तो खुशी का ठिकाना न रहा

मैशन ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया और जब कागजात उसके पास पहुंच गए तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनके मन में जब यह विचार आया तो उन्होंने परिवार के सदस्यों से भी चर्चा की थी। सब इसे असंभव बता रहे थे, लेकिन जब कागजात मिले तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। 

वे कहते हैं कि फिलहाल चांद पर बसना तो संभव नहीं है। हो सकता है कि 40-50 साल बाद यह संभव हो पाए। लेकिन यह जरूर है कि इसके जरिये लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। लोग चांद के विषय में अधिकाधिक जानकारी रखने के लिए प्रेरित हो सकेंगे।
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