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Jammu News: अच्छी शिक्षा की सच्चाई, स्कूल के दो कमरों में कॉलेज के 400 बच्चों की पढ़ाई

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3 साल पहले शुरू कालेज निर्माण 2022 में होने था पूरा, एक साल से काम ही बंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। तहसील ज्यौड़ियां में शिक्षा का अधूरा उजाला है। बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए ज्यौड़ियां में बनाया जा रहा डिग्री कालेज 3 साल में भी अधूरा है। 55 फीसदी इमारत ही बन पाई है। अब तो काम भी एक से साल बंद पड़ा है। इस पर न तो सरकार ध्यान दे रही है और न ही जनप्रतिनिधि। इसका खामियाजा सरकारी स्कूल के दो कमरों में पढ़ रहे बीए के करीब 400 विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने सरकार से कालेज निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है।
बच्चे बोले-कॉलेज की इमारत न होने से पढ़ाई हो रही प्रभावित
छात्र अभिनंदन, राजगुरु, विक्की मेहरा, रमण शर्मा, रोज शर्मा ने बताया कि कालेज की अपनी इमारत न होने से छात्रों को लड़कियों के सरकारी हाई स्कूल ज्यौड़ियां के मात्र दो कमरों में पढ़ना पड़ रहा है। बच्चों की संख्या करीब 400 है जबकि, छात्रों के बैठने के लिए कमरे मात्र दो हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब ज्यौड़ियां ने कहा कि जल्द डिग्री कालेज की इमारत का काम शुरू न किया गया तो कमेटी आंदोलन को मजबूर होगी।
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अभी 55 फीसदी ही काम हो सका पूरा हो सका।
क्षेत्र के लोगों की लंबित मांग को पूरा कर पूर्व गवर्नर रहे सत्यपाल मलिक ने 31 जनवरी 2019 को ज्यौड़ियां में डिग्री कालेज खोलने की घोषणा की थी। कक्षाएं गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल ज्यौड़ियां में शुरू कर दी थीं। 2020 में इमारत का निर्माण का जिम्मा जम्मू कश्मीर कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया। निर्माण राशि 11.73 करोड़ तय की गई। टेंडर स्थानीय ठेकेदार के नाम 7.69 करोड़ में अलाट किया गया। 2020 में काम शुरू हुआ। 2022 तक काम पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन काम मात्र 55 फीसदी ही पूरा हो सका। काम एक साल से बंद है। ठेकेदार का कहना था कि जेकेपीसीसी से भुगतान न होने पर काम बंद कर दिया था।
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लोग बोले-जेकेपीसीसी की लापरवाही से लटका काम
लोगों ने बताया कि काम बंद होने पर प्रतिनिधिमंडल स्थानीय अमृत भूषण, बाभा भारती के नेतृत्व में प्रिंसिपल डिग्री कालेज ज्यौड़ियां और ठेकेदार से मिला। तब पता चला कि 5.50 करोड़ का भुगतान जेकेपीसीसी को हो चुका है, पर आगे ठेकेदार को भुगतान नहीं किया गया है। इस तरह जेकेपीसीसी की लापरवाही से काम लटका रहा। जानकारी के अनुसार लगभग 2 करोड़ रुपये लैपस हो गए हैं। पीडी शर्मा, रोकी महाजन और संजय ने कहा कि जेकेपीसीसी की लापरवाही से ही कालेज का काम अटका है।
कोट....पैसा न मिलने से काम छोड़ा
पैसे और ड्राइंग की कमी से कालेज की इमारत का काम बीच में छोड़ना पड़ा था। पैसा मिलते ही काम शुरू कर देंगे।
जलबीर सिंह, ठेकेदार
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हफ्ते में काम शुरू करवा देंगे
एक हफ्ते के भीतर बंद काम को फिर शुरू करवा देंगे। हमारे काम कठुआ और जम्मू में भी चल रहे हैं। इसलिए अधिक लोड के कारण काम बंद था।
रमण साहनी, डीजीएम, जेकेपीसीसी
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