इससे पहले 24 जुलाई को भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कानाचक क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन ने फिर घुसपैठ की। शक्रवार रात को ड्रोन दिखते ही बीएसएफ के जवानों ने 11 फायर कर उसे खदेड़ दिया। वहीं, शनिवार को तलाशी अभियान चला कर इलाके को खंगाला गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शुक्रवार रात को 9:40 बजे बीएसएफ के जवानों ने कानाचक में पाकिस्तान की ओर से आता एक ड्रोन देखा गया था। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तब बताया कि बीएसएफ की 171 बटालियन के जवानों ने ड्रोन पर 11 फायर किए। इसके बाद ड्रोन दिखाई नहीं दिया।
पाकिस्तान में बैठे आतंकी जम्मू समेत सांबा और कठुआ के बॉर्डर क्षेत्र में ड्रोन के जरिए हथियार और अन्य खेप भेजने की लगातार कोशिशें कर रहे हैं। पिछले दिनों ही पुलिस ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के तीन मॉड्यूल का पर्दाफाश कर सात आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ये मॉड्यूल पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए भेजे जाने वाले हथियारों की खेप ठिकानों तक पहुंचाते थे। इन आतंकियों से भारी मात्रा में हथियारऔर विस्फोटक बरामद हुए थे।