अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सरकार ने नगर निगम जम्मू के वार्ड-53 की भाजपा पार्षद ज्योति देवी को रिश्वत मामले में पद से हटा दिया है। 17 जून, 2022 को पार्षद को पति के साथ रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन पर ठेकेदार से मलबा हटाने का क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी करने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगा था। आवास एवं शहरी विकास विभाग ने पद से हटाने का आदेश जारी किया। अब पार्षद वार्ड की देखरेख के अलावा अन्य काम नहीं देख सकेंगी।
पार्षद को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारियों ने दस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। इसके बाद गिरफ्तार किया गया। अब विभाग ने जम्मू और कश्मीर नगर निगम अधिनियम 2000 की धारा 34 (आई) (बी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पार्षद को हटाया है। आदेश में कहा गया है कि वार्ड नंबर 53 की पार्षद ज्योति को उनकी आधिकारिक शक्तियों के दुरुपयोग के आधार पर उनके कार्यालय से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया गया है। इससे पहले आधिकारिक शक्तियों का दुरुपयोग करने के लिए अवंतीपोरा म्युनिसिपल कमेटी के अध्यक्ष बशीर अहमद भट को हटाया गया था।
ठेकेदार ने शिकायत में कहा था कि मास्टर माइंड क्लासेज के पास मुख्य सड़क के साथ खुले क्षेत्र का उन्नयन कार्य पूरा किया गया। पेमेंट नगर निगम की चौथी डिविजन से मिलनी थी। इसके लिए संबंधित पार्षद ज्योति देवी से बात की तो उन्होंने दस हजार रुपये की रिश्वत मांगी और कहा कि वह उनके पति शाम लाल से संपर्क करे। इसके बाद ठेकेदार ने एसीबी को मामला बताया। एसीबी के अनुसार रिश्वत पार्षद के कहने पर ली गई, जिसके बाद ज्योति देवी को गिरफ्तार किया गया। वहीं, नगर निगम की सचिव परविंद्र कौर ने कहा कि आदेश मिल चुका है। अब पार्षद अधिकारिक शक्तियों का प्रयोग नहीं कर पाएंगी। इन्हें पद से हटा दिया है। वार्ड में काम जेएमसी के माध्यम से जारी रहेंगे।