पुंछ और राजोरी में पिछले दो दिनों के भीतर दो बड़े सड़क हादसों में 17 लोगों की जान चली गई। दोनों हादसों में बसें खाई में गिरीं। बुधवार को पुंछ में हुए हादसे में 12 और वीरवार को राजोरी में हुए हादसे में 5 की मौत हो गई। इन दोनों हादसों के पीछे कहीं न कहीं पूरी तरह से व्यवस्था दोषी है। हैरानी यह है कि दुर्घटनाग्रस्त दोनों बसों का पिछले एक साल में 16 बार चालान कट चुका है।
राजोरी में दुर्घटनाग्रस्त होने वाली बस का तो 24 घंटे पहले ही ओवरलोडिंग का चालान हुआ था और यह पिछले 6 दिनों में दूसरा चालान था, जबकि पुंछ में दुर्घटनाग्रस्त बस का 6 महीनों के भीतर दो बार ओवरलोडिंग का चालान हुआ था। यहीं नहीं फिटनेस न होने और बार-बार दुर्घटना करने पर 4 बार चालान हुआ। वहीं राजोरी बस हादसे में मारे गए चालक हर्षल चौधरी के तो पिछले एक साल के भीतर 9 चालान हो चुके थे, जबकि जिस बस को वो चला रहा था, उसका 10 बार चालान कट चुका है।
पुंछ हादसा: बस के 6 चालान
जेके12ए 1419 यह उस बस का नंबर है, जो बुधवार को पुंछ के सावजियां में दुर्घटनाग्रस्त हुई। इसका मार्च 2022 से लेकर सितंबर तक 6 बार चालान कटा है। इन 6 चालान में 8 मार्च 2022 को यातायात पुलिस के एसओ लोरन मंडी पुुंछ ने उक्त बस का फिटनेस न होने का चालान काटा। 20 अप्रैल 2022 को इसी जगह पर इस बस का ओवरलोडिंग, 10 दिन बाद ही 30 अप्रैल को एसओ पुंछ ने फिर से फिटनेस न होने का, 24 मई को डीटीआई पुंछ ने बस के बार बार एक्सीडेंट करने पर, 7 जून को पुंछ डीटीआई ने फिटनेस न होने पर, 3 सितंबर को इस बस का एसओ लोरन मंडी ने ओवरलोडिंग का चालान काटा। पहले 5 चालान कटने के वक्त चालक फारूक अहमद था और 3 सितंबर के चालान में चालक शब्बीर अहमद था।
राजोरी हादसा : बस के 10 चालान
जेके02सीडी 9156 बस राजोरी में दुर्घटनाग्रस्त हुई है। इस बस को चालक चालक हर्षल चौधरी चला रहा था, जिसका पिछले एक साल में 9 बार चालान कट चुका है, जबकि एक बार चालान किसी दूसरे चालक का कटा था। हर्षल चौधरी का इसी साल 17 अप्रैल और 28 जून को डीटीआई राजोरी और एसओ मेंढर ने बार बार सड़क हादसों में संलिप्त होने पर चालान काटा था। इसके बाद इसी महीने 9 सितंबर को डीटीआई सुंदरबनी ने, 14 सितंबर को एसओ राजोरी ने इस बस का ओवरलोडिंग का चालान किया था। 5 फरवरी 2021, एक मार्च 2021, 26 अक्तूबर 2021, 16 मार्च 2022, 27 जून 2022 और 12 अगस्त 2022 को इस बस का जम्मू शहर में अलग अलग नियम तोड़ने का चालान काटा गया था।
...कार्रवाई होती तो बच जातीं 17 जानें
राजोरी और पुंछ हादसे में शामिल बसों के एक साल में 16 चालान कटे, जबकि राजोरी वाली बस का तो 6 दिन में दो बार ओवरलोडिंग का चालान हुआ था। यदि यातायात पुलिस की ओर से इन बसों पर सख्त कार्रवाई की गई होती तो शायद यह हादसे नहीं होते और 17 बेशकीमती जानें बच जातीं।
हमारे पास जितने लाइसेंस स्थगित करने की सिफारिश आती है हम उनको कर देते हैं, लेकिन बहुत कम सिफारिश यातायात पुलिस की ओर से की जाती है। यदि किसी एक नियम के तहत 10 बार उल्लंघन हो तो लाइसेंस स्थगित या कैंसल किया जाता है।
दोनों बसों का समय-समय पर चालान काटा गया है। पुलिस की ओर से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कोर्ट का चालान काटा गया था। इसके बाद यह लोग दोबारा जुर्माना भरके आ गए। हालांकि बार-बार एक ही तरह का नियम तोड़ने पर लाइसेंस स्थगित करने की यातायात पुलिस सिफारिश भी करती है।
-मोहन लाल कैथ, एसएसपी रूरल, यातायात पुलिस।