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विद्यार्थियों के घरों तक किताबें पहुंचाने की तैयारी में जुटा शिक्षा विभाग

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करिश्मा चिब जम्मू। कोरोना वायरस के कारण चल रहे लॉकडाउन में स्कूल बंद होने से शिक्षा विभाग द्वारा पहली से लेकर 10वीं तक के सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को घरों में किताबें पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। स्कूल बंद होने के चलते विभाग ने ऑनलाइन कक्षाएं तो कब से शुरू कर दी हैं, पर किताबों के बिना विद्यार्थी कितनी ही पढ़ाई कर सकते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों के घरों तक ही किताबें पहुंचाने का फैसला विभाग द्वारा ले लिया गया है, जिसपर पूरी तेजी से काम भी किया जा रहा है। इस साल जेके बोर्ड की तरफ से विभिन्न कक्षाओं के पाठ्यक्रम में कई मुख्य बदलाव भी किए गए हैं। ऐसे में विद्यार्थी पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर पढ़ाई भी नहीं कर सकते हैं। जब तक कि उन्हें नए पाठ्यक्रम की किताबें उपलब्ध नहीं हो जाती। यह किताबें जोनल शिक्षा अधिकारी के पास जाएंगी जहां से स्कूल के प्रिंसिपल या हेड द्वारा किताबें ली जाएंगी और फिर स्कूल के शिक्षक किताबें विद्यार्थियों के घरों तक पहुंचाऐंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी इंतजार किया जा रहा है कि कहीं लॉकडाउन में कुछ राहत मिल जाए और किताबों की दुकानें खुलने की अनुमति मिल जाए तो विद्यार्थियों को इन दुकानों से किताबें मिल जाएं। जो उनके अभिभावक जाकर ले सकते हैं और शिक्षकों को घर-घर जाने से थोड़ी राहत मिल सके। इस समय शिक्षकों पर वैसे भी ऑनलाइन पाठ्यक्रम पढ़ाने का बेहद दवाब है, ऐसे में वह क्या क्या करेंगे। जोनल शिक्षा अधिकारी के पास किताबें पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। जिसके बाद स्कूल के मुख्य प्रभारी द्वारा वहां से किताबें ले ली जाएंगी और शिक्षकों की मदद से विद्यार्थियों तक किताबें पहुंचाई जाएंगी। ताकि विद्यार्थियों को किताबें न होने की वजह से पढ़ाई में ज्यादा नुकसान न झेलना पड़े। - अनुराधा गुप्ता, निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग
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