संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। खौड़ उपजिले के चक मलाल के किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि ओल्ड प्रताप नहर से निकल रहे नाले का मुहाना बंद हो चुका है, जिस कारण दो-तीन सालों से नहर का पानी नाले में नही पहुंच पा रहा है। इससे 20 एकड़ भूमि की तीन साल से सिंचाई नहीं हो पाई है। किसानों ने सरकार और विभाग से तुरंत सुध लेकर नाले के मुहाने की सफाई करने की मांग उठाई है, ताकि पानी नाले में जा सके। साथ ही जल्द कदम नहीं उठाने पर प्रधानमंत्री के द्वार गुहार लगाने की चेतावनी दी है।
किसान सुखदेव सिंह, संजय सिंह, पवन सिंह और देवेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपनी भूमि की सिंचाई ओल्ड प्रताप नहर से निकले नाले के पानी से करते थे। लेकिन दो-तीन सालों से नाले का मुहाना बंद हो गया है, जिस कारण नहर का पानी नाले में नही पहुंच पा रहा है। किसान भूमि की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं। मवेशियों के लिए चारा और सब्जियां सिंचाई नहीं हो पाने के कारण सूख गई हैं।
यह नाला सरकारी हाई स्कूल चक मलाल के नजदीक से निकलता है, जिसके पानी से चक मलाल और दोयाल के किसानों की करीब 20 एकड़ भूमि की सिंचाई होती है। इस संबंध में सिंचाई विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया, लेकिन आजतक किसी ने सुध नहीं ली है। पानी नहीं मिल पाने के कारण किसान धान की पनीर भी नहीं लगा पा रहे हैं। किसानों ने बताया कि प्रधानमंत्री का किसानों की आय दोगुनी करने का दावा यहां खोखला साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि अगर जल्द नाले के मुहाने की सफाई नहीं हुई तो वह अब प्रधानमंत्री के द्वार गुहार लगाने के लिए मजबूर हो जाएंगे।