संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। नड में जिला प्रशासन की ओर से बुधवार को डीसी अनुराधा गुप्ता की अध्यक्षता में ब्लॉक दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने तो हिस्सा लिया, लेकिन 10 पंचायतोें के आठ जनप्रतिनिधि नदारद रहे। इस कारण अधिकारी दिनभर जनप्रतिनिधियों का इंतजार करते देखे गए। मात्र दो ही सरपंचों ने हिस्सा लेकर समस्याओं को उजागर किया। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की उपस्थिति भी न के बराबर थी।
इस मौके पर भरतगढ़ पंचायत की सरपंच सुषमा देवी ने क्षेत्र में पानी की किल्लत और सरकारी प्राइमरी स्कूल पापढ़ व अवतारां स्कूल में शौचालय नहीं होने की समस्या भी उठाई। सरांई के सरपंच सुरेंद्र सिंह ने ढंगा, सलेतर, भुपनेरगढ़ स्कूल में शौचालय बनाने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि पिछले ब्लॉक दिवस में भी इस समस्या को उठाया था, लेकिन कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने अपनी पंचायत सरांई के वार्ड नंबर एक में सोलर सिस्टम लगाने और बडला ब्रह्मणा स्कूल का नाम उनके क्षेत्र के शहीद कौशल सिंह के नाम पर रखे जाने की मांग उठाई। युुवाओं के लिए खेल मैदान बनाए जाने को कहा।
इस पर उपायुक्त ने पापड़ अवतारां स्कूल में शौचालय के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी को उचित कदम उठाए जाने के लिए कहा। सोलर सिस्टम लगाने के लिए सरपंच को आश्वासन दिया कि इस बारे में एक सर्वे कर ग्रामीणों को सोलर सिस्टम का लाभ दिया जाएगा। उपायुक्त ने एसीआर कुसम चिब से कहा कि युवाओं के लिए खेलों के लिए योजनाएं बनाएं ताकि उन्हें नशे से दूर रखा जा सके। इस अवसर पर एडीडीसी राजेंद्र सिंह, सीएमओ डॉ. विधि, डॉ. अंजू, बीडीओ शीतल हंस, तहसीलदार, समाज कल्याण विभाग के दीप कुमार, डीआईओ अजय शर्मा के अतिरिक्त अन्य विभागों के कर्मचारी भी उपस्थित थे।
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जिला प्रशासन की ओर से देरी से मैसेज दिया था। बार-बार समस्याएं उजागर करने के बाद भी उनका संज्ञान नहीं लिया जाता है। ब्लॉक दिवस के प्रति लोगों की रुचि कम होती जा रही है। इसलिए कार्यक्रम में नहीं गई हैं।
-समुन लता, सरपंच, सरना पंचायत