अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भाजपा सरकार के खिलाफ जम्मू में 10 अक्तूबर को शांतिपूर्ण धरने को सफल बनाने के लिए विपक्षी दल जुट गए हैं। इसी कड़ी में वीरवार को शेर-ए-कश्मीर भवन में विपक्षी दलों के समन्वय समूह की बैठक बुलाई। इसमें धरने को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई। धरने के आयोजन के लिए तीन स्थल प्रस्तावित किए गए हैं, जिसमें सचिवालय के बाहर पार्किंग स्थल, हरि सिंह पार्क और उपराज्यपाल भवन के बाहर (रेडियो स्टेशन के बाहर) की अनुमति के लिए जिला उपायुक्त को पत्र दिया ृहै।
रवींद्र शर्मा (कांग्रेस), रतन लाल गुप्ता (नेकां), फिरदोज टाक (पीडीपी), आईडी खजूरिया, कामरेड हरि सिंह (सीपीआईएम), हर्षदेव सिंह (पूर्व मंत्री) आदि ने धरने को लेकर सुझाव दिए। धरने में नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विकार रसूल वानी सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं का शामिल होना प्रस्तावित है। इसे सफल बनाने के लिए कांग्रेस, नेकां, पीडीपी, शिव सेना, पैंथर्स पार्टी सहित अन्य समान विचारधारा वाले राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन तैयारी कर रहे हैं।
नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने कहा कि आगामी धरने को सफल बनाने के लिए जरूरी तैयारी की जा रही है। विपक्ष जम्मू कश्मीर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली की मांग के लिए चुनाव की मांग कर रहा है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि यूएलबी और पंचायती चुनाव में भाजपा सरकार द्वारा जानबूझकर देरी की जा रही है। चुनाव के संबंध में भाजपा का दोहरा रुख रहा है। भाजपा चुनाव कराने के लिए केवल दिखावा कर रही है। एक तरफ केंद्र सरकार और यूटी प्रशासन जम्मू कश्मीर में सामान्य स्थिति का दावा कर रहा है, लेकिन चुनाव के दौरान हालात खराब हो जाते हैं।