-दुष्कर्म और हत्या के मामले में सबूतों को मिटाने की कोशिश की गई
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने आरोप लगाए हैं कि कोलकाता में महिला डाॅक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले में ममता बनर्जी की सरकार दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है। भारत ने कभी भी ऐसे जघन्य मामले में प्रशासन द्वारा सबूतों को नष्ट करने की ऐसी हताशापूर्ण घटना नहीं देखी है।
पार्टी मुख्यालय जम्मू में शुक्रवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए तुहिन ने कहा कि देश में दोषियों को सबसे कठोर सजा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनों की कोई कमी नहीं है लेकिन अगर राजनीतिक दल दुष्कर्म करने वालों और खूंखार अपराधियों के एजेंट के रूप में काम करना शुरू कर देते हैं और जानबूझकर सबूतों को नष्ट करते हैं, तो मुकदमा कभी भी अपने तार्किक अंत तक नहीं पहुंच सकता है।
इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि महिला मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामले में सजा का प्रतिशत सबसे कम है और लंबित मामलों की दर देश में सबसे अधिक है। उनके कार्यों से पता चलता है कि हाल ही की एक डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में सबूतों को नष्ट करने में उनकी भूमिका है।
ऐसा लगता है कि ममता सीबीआई जांच में देरी करना चाहती थीं। उन्होंने अयोध्या के मामले का भी जिक्र किया, जिसमें समाजवादी पार्टी (सपा) के एक नेता मोइद खान ने एक बच्ची के साथ बलात्कार किया और उसे दो महीने तक बंधक बनाकर रखा और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने उसे बचाया। कोलकाता के दुष्कर्म और हत्या के मामले में मामले को दबाया गया और इसे आत्महत्या करार देने की कोशिश की गई। इस दौरान प्रदेश भाजपा प्रवक्ता एडवोकेट अभिनव शर्मा, मीडिया विभाग के प्रभारी डॉ. प्रदीप महोत्रा मौजूद रहे।
दुष्कर्म के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा का कैंडल मार्च
जम्मू। कोलकाता में महिला से दुष्कर्म और हत्या के विरोध में शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर की भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कच्ची छावनी पार्टी कार्यालय से कैंडल मार्च निकाला जो जनाना पार्क तक गया। हाथों में मोमबत्तियां लेकर मौन रहकर विरोध जताया गया। पीड़िता के परिवारवालों को इंसाफ देने की मांग की गई।
मोर्चा की अध्यक्ष संगीता डोगरा ने कहा कि यह जघन्य अपराध केवल एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि पूरी नारी जाति पर हमला है। हम इस तरह के अत्याचारों के खिलाफ एकजुट हैं। भविष्य में इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए मजबूत कानून लाए जाएं। कैंडल मार्च में रीमा पाधा, नेहा महाजन, प्रेरणा नंदा, उषा राजपूत, सुमन रैना, अनीता गंडोत्रा आदि शामिल हुए।