Jammu Kashmir Assembly Election
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नेकां-कांग्रेस गठबंधन के बाद भाजपा ने अपनी विधानसभा चुनावों के लिए सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी जम्मू-कश्मीर में 50 प्लस के लक्ष्य पर काम कर रही है। त्रिकुटा नगर स्थित पार्टी मुख्यालय में वीरवार को चुनाव प्रबंधन समिति ने लक्ष्य हासिल करने के लिए मैराथन बैठकों में मंथन किया। नेकां-कांग्रेस के गठबंधन के बाद उभरी विपक्ष की चुनौतियों से निपटने के लिए पार्टी ने सभी पहलुओं पर काम करना शुरू किया है।
केंद्रीय मंत्री व जम्मू- कश्मीर भाजपा के चुनाव प्रभारी जी किशन रेड्डी और जम्मू कश्मीर मामलों के प्रभारी तरुण चुग ने वीरवार को पार्टी के विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों से बैठकें कर चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने के साथ जमीनी स्तर पर प्रचार की रणनीतियों पर चर्चा की। इसमें संभावित उम्मीदवारों के पैनल पर भी बात की गई। हाईकमान जल्द चरणबद्ध तरीके से उम्मीदवारों की सूची जारी करेगा।
नेकां से गठबंधन के बाद कांग्रेस में अंतर्विरोध शुरू
नेकां के साथ गठबंधन के बाद कांग्रेस में अंतर्विरोध शुरू हो गया है।सूत्रों के अनुसार, नेकां ने जम्मू संभाग में नगरोटा, रैपर दोमाना, विजयपुर, नौशेरा, सुंदरबनी, चिनाब वैली सहित दस से अधिक सीटों की मांग की है, जिसका पार्टी के भीतर विरोध हो रहा है। कांग्रेस को कश्मीर में कम सीटें देने की बात कही जा रही है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने जम्मू संभाग में बेहतर प्रदर्शन किया है।
कांग्रेस कई प्रमुख सीटों पर भाजपा को टक्कर देने में सक्षम है। लेकिन नेकां की ओर से उक्त सीटों की मांग की जा रही है, जिससे कांग्रेस को नुकसान होगा। नौशेरा-सुंदरबनी सीट रिफ्यूजियों की रही है और कांग्रेस हमेशा इसका समर्थन करती रही है। इसके साथ पिछले दस सालों से जो नेता पार्टी की सेवा कर रहे हैं, उन्हें नेकां द्वारा संबंधित सीट पर खड़ा हो जाने के बाद निराश होना पड़ेगा।