संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। बिरमा नाले पर बन रहे पुल का निर्माण डेढ़ साल में करने का दावा किया गया था, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए ऐसा लगता नहीं है कि लोगों को उचित यातायात सुविधा मिल पाएगी। क्योंकि चार माह तो पुराने पुल को ढहाने और मलबा उठाने में बीत गए। इसके बाद डेढ़ माह से काम बंद पड़ा है। यह पुल शहर की लाइफ लाइन है। बीआरओ की ओर से दो बैली पुलों का निर्माण तो किया गया है, लेकिन मार्ग और पुल तंग होने जहां यातायात व व्यापार प्रभावित हो रहा है। इससे शहर सहित पंचैरी, मोंगरी, गढ़ी, मलाड़ सहित रैंबल और अन्य क्षेत्रों के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर की लाइफ लाइन कहा जाने वाला 50 साल पुराना बिरमा पुल दो वर्ष पहले बरसात में क्षतिग्रस्त हो गया था। जांच के दौरान बीआरओ ने पुल को बदहाल बदहाल बताते हुए वाहनों की आवाजाही के लिए सही नहीं बताया था। इसके बाद इसे असुरक्षित घोषित कर दिया। शहरवासियों की समस्या को देखते हुए बीआरओ ने बिरमा नाले पर दो बैली पुल तैयार कर यातायात सुचारु किया, लेकिन मार्ग और पुल तंग होने के कारण रोजाना जाम लग रहा है। नवंबर 2022 में बीआरओ ने 18 करोड़ की लागत से बनने वाले नए पुल का निर्माण कार्य शुरू किया। नया पुल पुराने पुल के स्थान पर ही तैयार होना है, इसलिए पहले पुराने पुल को तोड़ने के बाद ही नया पुल का निर्माण होना था। चार महीने तक पुराने पुल को तोड़ने और मलबा उठाने का काम किया। मलबा हटाने के बाद काम नहीं बढ़ पाया है। काम बंद होने से शहरवासी परेशान हो चुके हैं।
बिरमा पुल शहर की लाइफ लाइन है। इसके क्षतिग्रस्त होने से शहर के बीच से ट्रकों की आवाजाही बंद है। व्यापारियों का सामान शहर के बाहर से होकर बाजार में पहुंच रहा है। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा कटड़ा, जम्मू की बसें भी शहर से बाहर से होकर चल रही हैं। इसका निर्माण कार्य जल्द किया जाना चाहिए।
- जितेंद्र वरमानी, प्रधान व्यापार मंडल, उधमपुर
बिरमा पुल के साथ पूरा शहर जुड़ा हुआ है। इसके क्षतिग्रस्त होने के बाद से बिरमा, सप्लाई मोड और चिनार में यातायात प्रभावित हो रहा है। शाम के समय बिरमा इलाके में जाम लगता है और लोग परेशान होते हैं। पुलिस को भी यातायात व्यवस्था को बनाए रखने में मशक्कत करनी पड़ती है।
- विशाल खजूरिया, स्थानीय निवासी
बिरमा पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण जम्मू और कटड़ा रूट की बसों को शहर के बाहर से होकर चलना पड़ रहा है। ओमाड़ा मोड़, चिनार, सप्लाई मोड़, गढ़ी, रैंबल के लोगों को जम्मू व कटड़ा की बस को पकड़ने के लिए फ्लाटा या फिर शहर जाना पड़ता है।
- रोहित गुप्ता, स्थानीय निवासी
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बिरमा पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद से शहर के साथ पंचैरी, लांदर के लोग भी परेशान है। वैली पुल पर बसों और ट्रकों की आवाजाही पर प्रतिबंध है, इसलिए बसों और ट्रकों को पहले फ्लाटा और फिर फोरलेन राजमार्ग से होकर शहर आना पड़ता है। इनको करीब 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। जबकि बिरमा पुल के जरिए केवल चार किलोमीटर का सफर तय कर शहर पहुंचा जा सकता है।
- अजय सहगल, स्थानीय निवासी
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पुल का निर्माण कार्य बंद होने पर ठेकेदार के साथ संपर्क किया था। ठेकेदार का कहना था कि किसी कारण काम को शुरू करने में देरी हो रही है। ठेकेदार ने मई 2023 में पुल का निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया है।
- लाल चंद, डीडीसी चेयरमैन, उधमपुर