जम्मू। शहर के गंग्याल स्थित परशुराम मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में बुधवार शाम को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। कथा के दौरान भगवान के जन्म के संदर्भ में पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की... के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने नाचकर प्रभु के जन्मोत्सव का जश्न मनाया।
कृष्ण भगवान को बाल रूप में जैसे ही वासुदेव टोकरे में रख कर सिर में उठाए पंडाल में पहुंचे तो उनके दर्शनों के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। इसके बाद नी मैं नचना शाम दे नाल अज मैनूं नच लैण दे... भजन पर पूरा पंडाल झूम उठा। कथा व्यास जोगेंद्र ने कहा कि कलयुग में भागवत की कथा सुनने मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है। भागवत एक ऐसी कथा है जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है। भागवत कथा सुनने से अहंकार का नाश होता है। भागवत कथा के आयोजन से श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने के लिए लोग लालायित नजर आ रहे थे। कथा वाचक ने कहा कि जब धरती पर चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई, चारों ओर अत्याचार, अनाचार का साम्राज्य फैल गया तब भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के आठवें गर्भ के रूप में जन्म लेकर कंस का संहार किया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। आरती व पूजा पाठ के बाद संगत के लिए प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर ब्राह्मण सभा के चेयरमैन केके शर्मा, संयोजक सतीश शर्मा, अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, रमेश शर्मा, दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।