-एसएमजीएस अस्पताल के लेबर रूम से खुद ही निकल गई, पीछे छोड़ गई ढाई साल का बेटा
अमर उजाला ब्यूरो
अखनूर/जम्मू। शहर के प्रमुख जच्चा-बच्चा अस्पताल एसएमजीएस के लेबर रूम में भर्ती एक 27 वर्षीय गर्भवती महिला संदिग्ध परिस्थितियों में मंगलवार की सुबह अस्पताल से निकलकर प्रसव से पहले अखनूर पुल से चिनाब दरिया में कूद गई। पुल के पास ही अस्पताल की फाइल मिली है और वहां कुछ लोगों ने अपनी आंखों के सामने युवती के दरिया में कूदने की पुष्टि की। देर रात तक युवती का कोई सुराग नहीं लग पाया था। युवती अपने पीछे अपना एक ढाई साल का बेटा छोड़ गई है।
कुछ चश्मदीदों ने बताया कि महिला ने पुराने लोहे के पुल के मजधार में जाकर अपनी फाइल छोड़ी और दरिया में छलांग लगा दी। अखनूर व कानाचक पुलिस ने एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों के साथ दरिया में तलाश की। एसएमजीएस अस्पताल प्रशासन के अनुसार 27 वर्षीय निशा पत्नी राकेश कुमार निवासी अरनिया (त्रेवा) को एमआरडी-795329 नंबर पर प्रसव के लिए लेबर रूम में भर्ती किया गया था। लेकिन युवती सुबह 5.30 बजे के करीब अचानक सबको चकमा देकर बाहर निकल गई और अखनूर तक पहुंच गई।
अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में युवती पहले लेबर रूम से बाहर आई और साथ वाले डाक्टर कक्ष में गई, जिसके बाद पीछे देखते हुए बाहर निकल गई। तड़के का समय होने के कारण अस्पताल परिसर में कम ही लोग मौजूद थे। अस्पताल प्रशासन की ओर से स्थानीय पुलिस में युवती के लापता होने के लिए दी शिकायत में उसके मानसिक तौर पर बीमार होने का जिक्र किया गया है।
महिला खुद ही बाहर निकल गई : चिकित्सा अधीक्षक
एसएमजीएस के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. दारा सिंह के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि युवती खुद ही लेबर रूम से बाहर पहुंची है। वह बाहर जाते हुए लगातार पीछे देख रही थी कि उसका कोई पीछा तो नहीं कर रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से उसके प्रसव (डिलीवरी) के लिए तैयारी की गई थी और मंगलवार को ही प्रसव किया जाना था।
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परिवारवालों का आरोप, अस्पताल स्टाफ ने ध्यान नहीं रखा
-पति ने कहा, किसी ने काला जादू कर दिया था, प्रसव के बाद हम इलाज करवाने वाले थे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गर्भवती महिला के अखनूर दरिया से छलांग लगाने के मामले पर परिवारवालों का आरोप है कि लेबर रूम के बाहर गार्ड को युवती का ध्यान रखने के लिए कहा गया था लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से इसमें लापरवाही बरती गई और वह बाहर निकल गई।
पति राकेश कुमार का कहना है कि वह निशा को लेकर पहले गांधीनगर अस्पताल गए थे, लेकिन उसे एसएमजीएस में शिफ्ट किया गया। उसके प्रसव के लिए खून का भी इंतजाम किया गया था। उनका आरोप है कि लेबर रूम में युवती के पास किसी महिला तीमारदार को भी रहने नहीं दिया गया। हमने बाहर तैनात निजी सुरक्षा गार्ड को उसका ध्यान रखने को कहा था और खुद चाय पीने आ गए थे, लेकिन वहां देखा तो वही गार्ड वहां भी चाय पी रहा था। जिससे पीछे से युवती बाहर निकल गई। उनका आरोप है कि इस घटना के बाद पूछने पर गार्डों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
राकेश ने मीडिया में दिए बयान में कहा कि निशा को किसी ने काला जादू कर दिया था, लेकिन वह सुबह तक बिल्कुल ठीक थी। युवती की मासी ने भी मीडिया के सामने दिए बयान में कहा कि उसमें कोई भूत आ गया था। हम उसका पूरा ध्यान रख रहे थे, लेकिन अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही से वह बाहर निकल गई। हम प्रसव का इंतजार कर रहे थे, जिसके बाद उसका उचित इलाज करवाते।
इस बीच सास का रो रोकर बुरा हाल था। वह निशा के ढाई साल के बेटे को गोद में उठाकर पुचकार रही थी। इस घटना के समय बड़ी संख्या में लोग परिवारवारों के साथ मौजूद रहे।