अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू संभाग के पांच जिलों राजोरी, कठुआ, डोडा, किश्तवाड़ और रामबन में उच्च जोखिम वाले समूहों में वयस्कों के लिए बीसीजी (बैसिलस कैलमेट-गुएरिन) टीकाकरण का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। तपेदिक रोग को रोकने के लिए भारत सरकार ने देश भर में प्रोग्रामेटिक सेटिंग्स के तहत वयस्क बीसीजी टीकाकरण अध्ययन शुरू किया गया है।
अध्ययन का उद्देश्य हस्तक्षेप के बाद 36 महीने की अवधि तक अधिसूचित टीबी मामलों की घटना पर प्रोग्रामेटिक सेटिंग्स के तहत (बीसीजी) वैक्सीन के साथ 18 वर्ष से अधिक उम्र के कमजोर व्यक्तियों को टीका लगाने की रणनीति की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना है। इस कार्यक्रम के लिए सरकारी गांधीनगर अस्पताल जम्मू में शनिवार को एक दिवसीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डॉ. राकेश मगोत्रा ने जोर दिया कि बीसीजी टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए जिला टीकाकरण अधिकारी (डीआईओ) और जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) मजबूत समन्वय के साथ काम करें। डॉ. ज्योति जॉली, राज्य टीबी अधिकारी ने बताया कि वयस्क बीसीजी टीकाकरण 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए किया जाएगा जो उच्च जोखिम वाली आबादी के छह समूहों में आते हैं।
डॉ. शाहिद हुसैन, एसआईओ जेएंडके ने बताया कि इस अभियान के दौरान उसी बीसीजी वैक्सीन का उपयोग किया जाएगा, जिसका उपयोग बहुत लंबे समय से शिशुओं के लिए सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) में किया जा रहा है।