बीती 24 अक्तूबर को बारामुला में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। जिसके बाद लगातार तीसने दिन भी सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। इस मुठभेड़ में तीन जवान का बलिदान और दो पोर्टरों की मौत हो गई थी।
बारामुला के बूटापाथरी इलाके में भारतीय सेना और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में अब तक तीन सैनिक बलिदान और दो पोर्टर मारे गए हैं। मुठभेड़ के बाद दूसरे दिन भी सुरक्षाबलों की ओर से सर्च ऑपरेशन जारी रहा। बारामुला जिले के गुलमर्ग में नागिन पोस्ट के नजदीक बूटापथरी इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में अनंतनाग से सैन्य जवान कैसर अहमद ने अपने दो साथी जवानों के साथ मिलकर दहशतगर्दों का डटकर मुकाबला किया।
राइफलमैन कैसर गाड़ी में बैठकर काफिले को बेस कैंप की ओर ले जा रहे थे। घात लगाए आतंकवादियों ने काफिले पर हमला कर दिया। आतंकवादियों और सेना के बीच करीब पांच मिनट तक मुठभेड़ चली। इसमें 300 राउंड से अधिक गोलियां चलीं। आतंकियों ने घने जंगल की आड़ में घात लगाकर हमला किया।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, हमला करने वाले आतंकियों की संख्या 3 से 4 थी। दहशतगर्दों ने बर्स्ट फायर किए, जिसके चलते वाहन के ड्राइवर और राइफलमैन कैसर को गोली लग गई। गाड़ी में चार पोर्टर भी थे, जिनमें दो पोर्टर वीरगति को प्राप्त हुए। आतंकियों ने पांच मिनट तक लगातार फायरिंग की। राइफलमैन कैसर ने गोली लगने के बावजूद डटकर मुकाबला किया।