अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कहा - बाहर जाने के बाद आरोपी तथ्यों के साथ कर सकता है छेड़छाड़
संवाद न्यूज एजेंसी
रामगढ़। कस्बा रामगढ़ में 22 महीने पहले 9 अगस्त 2021 की देर शाम को दो सगे भाइयों पर तेजधार हथियारों से हुए जानलेवा हमले के एक आरोपी रोहित कुमार पुत्र ऋषि कुमार की जमानत याचिका अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सांबा ने खारिज कर दी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडिशनल सेशन जज सांबा का मानना था कि जो अपराध किया गया है, वह घृणित एवं दंडनीय है। समाज के हित को देखते हुए आवेदक को जमानत प्रदान नहीं की जा सकती।
जानलेवा हमले के आरोपी रोहित कुमार ने सत्र न्यायालय सांबा में जमानत के लिए आवेदन किया था। आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश का मानना था कि जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी तथ्यों एवं गवाहों से छेड़छाड़ कर सकता है। पुलिस केस के अनुसार 9 अगस्त 2021 को रामगढ़वासी सतपाल ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके भाई मदन लाल चौधरी की रामगढ़ में हार्डवेयर की दुकान है। देर शाम को उनके भतीजे यानी मदन चौधरी के बेटे महिंद्रपाल सिंह व मनीष पाल सिंह पर तेजधार हथियारों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इस हमले में हमलावरों ने दुकानदार भाइयों से दिनभर की कमाई, लैपटॉप भी लूटा और मासूम बच्चे के अपहरण की कोशिश भी की। इस कातिलाना हमले में मनीष पाल का एक हाथ भी कट गया। शोर मचाने पर आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने हमले में शामिल चार आरोपियों को पकड़ा था।