बाड़ी ब्राह्मणा। ब्लॉक पुरमंडल की पंचायत देओन में बैक टू विलेज-4 कार्यक्रम का आयोजन शुरू कर दिया गया है। विजिटिंग ऑफिसर के तौर पर ज्वाइंट रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी चंपा देवी मौजूद रहीं। वह सुबह 10 बजे पंचायत में पहुंच गईं। उन्होंने 21 विभागों के अधिकारियों से विचार विमर्श किया।
उन्होंने पंचायत में पानी की समस्या को लेकर जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। कहा कि इस इलाके में यह बड़ी समस्या है, जिसे हल करना होगा। इसके ऊपर रिपोर्ट तैयार करें, किन कारणों से इस इलाके में पानी की सुविधा मुहैया कराई जा सकती है। उन्होंने अन्य विभाग के अधिकारियों से भी बातचीत की। उन्होंने मिडिल स्कूल का दौरा किया है, जिसमें बच्चों के साथ मुलाकात की और स्कूल की सुविधा के बारे में पूछा। मिड डे मील, पढ़ाई के बारे में पूछा। स्कूल स्टाफ से बातचीत की। उन्होंने आंगनबाड़ी सेंटर का दौरा किया, और सहायिकाओं से मिलकर सेंटर में बच्चों को फायदा मिल रहा है, विस्तार में बातचीत की।
शाम को 5.00 बजे अधिकारियों के साथ बैठक की। वीरवार को ग्राम सभा का आयोजन इसी पंचायत में किया जाएगा, जिसमें लोगों के साथ सीधा संवाद होगा।
प्रमुख सचिव बागला जख पंचायत में ग्रामीणों से हुए रूबरू
सरकार की पहल की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के जख के वागला पंचायत में बुधवार को बैक टू विलेज कार्यक्रम के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने दौरा किया। इस दौरान और पीआरआई सदस्यों सहित स्थानीय लोगों के साथ बातचीत की। इस अवसर पर डीडीसी अध्यक्ष केशव दत्त शर्मा, प्रखंड विकास परिषद के अध्यक्ष विजयपुर, सरपंच के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
प्रमुख सचिव ने पंचायत सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए उनके दरवाजे पर एक पारदर्शी, कुशल और उत्तरदायी शासन स्थापित करने में सरकार की पहल की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों का मूल्यांकन करने और व्यापक जनभागीदारी से सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं की पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को पंचायतों में प्रतिनियुक्त किया गया है।
दो दिवसीय दौरे के पहले दिन पंचायत बागला जख में प्रधान सचिव ने स्थानीय लोगों, सरपंचों, पंचों, डीडीसी सदस्यों और बीडीसी सदस्यों के साथ बातचीत की और जमीनी स्तर पर विभिन्न योजनाओं के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। आलोक कुमार ने स्वरोजगार, स्वच्छता अभियान, आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड पंजीकरण, डिजिटल सेवाओं पर प्रसार आदि पर विशेष ध्यान देने के साथ सरकारी योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इस दौरान आलोक कुमार ने बेबी केयर किट, स्कूल बैग किट, स्वरोजगार योजनाओं के तहत स्वीकृति पत्र, भूमि पासबुक, आयुष्मान भारत के गोल्डन कार्ड आदि भी वितरित किए। प्रमुख सचिव ने सरकारी स्कूल जख में छात्रों और कर्मचारियों से भी बातचीत की। स्कूल में प्रतिभा खोज पहल के तहत संस्कृति कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। बाद में शाम को अतिथि अधिकारी ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ बैठक की और उपायुक्त सांबा और अन्य जिला अधिकारियों की उपस्थिति में उनके मुद्दों को सुना।
कई परिवार मकान की दूसरी किस्त की आस में
एस्टेट निदेशक ने अखनूर की पंचायतों में बैक टू विलेज-4 के तहत कीं बैठकें
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। बैक टू विलेज-के तहत बुधवार को ब्लॉक की विभिन्न पंचायतों में आयोजित कार्यक्रमों में अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। अधिकारियों ने उनके समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि पंचायतों में कार्यक्रम में कम संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
पंचायत गुडा ब्राह्मण ईस्ट में निदेशक एस्टेट अशोक शर्मा की अगुवाई में अन्य विभागों के अफसरों की मौजूदगी में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने पंचायत में सड़क और गलियों की खस्ताहाल और मनरेगा योजना की बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर नाराजगी जताई। पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना की एक किस्त मिलने के बाद दूसरी नहीं मिलने पर कई परिवार आस लगाए बैठे हैं । संबंधित अधिकारियों ने कई ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया और अन्य का आश्वासन दिया। विभागों की टीम ने पंचायत में विकास कार्यों का स्थल में जाकर जायजा लिया। कार्यक्रम में सेल्फ ग्रुप द्वारा खरीदारी के लिए स्टाल भी लगाया गया, जिसमें महिलाओं ने अपने बनाए कपड़े और अन्य समान की लगाए।
पंचायत में एक सड़क और नाले की मरम्मत कार्य का शुभारंभ किया। सरपंच शमशेर सिंह ने बताया कि सरकार की तरफ से पंचायतों में ही बैक टू विलेज कार्यक्रम का आयोजन सही है। मगर इसके लिए ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए, तभी सफलता मिलेगी। ग्रामीण रामलाल ने बताया कि पंचायत में कई मुख्य मार्ग खस्ताहाल में हैं। इस पर अधिकारियों को कई बार जानकारी दी गई। ऐसे में अगर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं होता तो ऐसे कार्यक्रमों का सरकार द्वारा आयोजित नहीं करने चाहिए।
स्थानीय संग्राम सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा बैक टू विलेज कार्यक्त्रस्म का आयोजन करके ग्रामीणों की समस्याओं को सुना जो एक सही कदम है। अफसरों द्वारा ग्रामीणों से सीधा संवाद करके परेशानियों का सुना और हल करने का आश्वासन दिया।
निदेशक एस्टेट अशोक शर्मा ने बताया कि पंचायतों में बैक टू विलेज कार्यक्रम आयोजित करके सीधे ग्रामीणों की समस्याओं सुनकर समाधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों से सीधे संवाद करके परेशानियों सुना जा रहा है।