जम्मू। डोगरी संस्था जम्मू ने विश्व मातृभाषा दिवस पर कर्ण नगर में सेमीनार करवाया। इसमें स्कूल शिक्षा निदेशक अनुराधा गुप्ता मुख्य अतिथि रहीं। सेमीनार में डॉ. जोगिंद्र सिंह, बाबू भट्टी और डॉ. अशोक खजूरिया ने मातृभाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. जोगिंद्र ने बच्चे दे चमुखी विकास च मां भाषा दी भूमिका विषय पर पेपर पढ़ा। उन्होंने कहा कि मातृ भाषा में मिलने वाली शिक्षा में बच्चे की ज्ञान की क्षमता बढ़ती है। बाबू भट्टी ने शुरूआती शिक्षा च मां दा महत्व और डॉ. अशोक खजूरिया ने संस्कृति दी बहन मां भाषा डोगरी दे हवाले कन्ने विषय पर अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने कहा कि मातृभाषा हमारी पहचान है, जिसका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए युवा पीढ़ी आगे आए और डोगरी में लिखने, पढ़ने के साथ बोलचाल की भाषा में अधिक से अधिक प्रयोग करे। इस दौरान ज्ञानेश्वर शर्मा लिखित उपन्यास का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार, साहित्य प्रेमी, डोगरी भाषा के असिस्टेंड प्रोफेसर ने भाग लिया। मुख्य अतिथि अनुराधा गुप्ता ने कहा कि नई शिक्षा नीति में मातृभाषा में पढ़ाई को प्राथमिकता दी गई है। कार्यक्रम में डोगरी संस्था के प्रकाशन की पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई। टीम जम्मू के चेयरमैन जोरावर सिंह, डोगरी संस्था के अध्यक्ष प्रो. ललीत मंगोत्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।