- जम्मू में सात साल में टोल फ्री हेल्फलाइन नंबर पर पहुंचीं 8502 शिकायतें, 154 को मिला न्याय
- सबसे ज्यादा घरेलू हिंसा के मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। महिलाओं पर अत्याचार का मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। कई एनजीओ महिलाओं के उत्थान के लिए काम कर रही हैं, लेकिन पीड़ित महिला को क्या करना चाहिए, क्या नहीं, समझ नहीं पाती हैं। टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर आपकी समस्या का समाधान और न्याय दिलाने में पूरी मदद की जाएगी। 2017 में यह हेल्पहालइन नंबर जम्मू में जारी हुआ था। सात साल में अब तक इस पर 8502 शिकायतें पहुंचीं हैं। 7070 मामले क्राइम के दर्ज हए हैं और 1432 में महिलाओं की मदद के लिए कॉल आई है। 8502 में से 290 कॉल ऐसी हैं, जिन्में लड़कियां किसी न किसी न किसी परेशानी में थीं।
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जम्मू-कश्मीर की प्रोजेक्ट मेनेजर पूर्णिमा धर का दावा है कि सबसे ज्यादा अगर कोई कॉल आई हैं तो वे घरेलू हिंसा की थीं। इसके अलावा बुजुर्ग महिलाओं पर अत्याचार, 18 साल से कम उम्र की बेटियों की शादी, साइबर क्राइम, पॉक्सो, महिलाओं के मौलिक अधिकारों का हनन के मामलों के लिए कई कॉल आई हैं। सात साल में 181 टोल फ्री नंबर पर मिली 8502 में से 4553 शिकातें घरेलू हिंसा से जुड़ी हैं, जो चिंताजनक है। 18 साल से कम उम्र की बेटियों की शादी पर 159 कॉल आई हैं। बुजुर्ग महिलाओं पर अत्याचार की 199 शिकायतें मिलीं। सोशल मीडिया के जमाने में साइबर परेशानियां महिलाओं के लिए काफी बढ़ गई हैं, जिनके 296 मामले सामने आएं हैं। पॉक्सो एक्ट से संबंधित 74 मामले 181 नंबर पर सामने आए हैं। दहेज, जबरदस्ती शादी के भी 1556 मामले सामने आ चुके हैं।
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ऐसे की जाती है मदद
हेल्पलाइन नंबर 181 के माध्यम से पीड़ित महिलाओं की एफआईआर करवाने में मदद की जाती है। महिलाओं को राहत के लिए राशि दिलवाई जाती है। कानून सहायता दिलवाने में, शेल्टर दिलवाने में, मनो सामाजिक परामर्श दिलवाने के साथ चिकित्सा सुविधा में भी मदद की जाती है। हेल्पलाइन नंबर से अभी तक 1398 मामलों में महिलाओं को वकील की मदद दिलवाई गई है। 1857 महिलाओं को पुलिस की मदद और 148 महिलाओं के साथ मिलकर एफआईआर दर्ज करवा चुकी हैं। 154 महिलाओं को अभी तक रखरखाव में मदद कर चुकी है। 259 को मनो सामाजिक परामर्श दिलवाया, ताकि वे अपनी मानसिक स्थिति सुधार सकें। वन स्टॉप सेंटर की तरफ से अब तक 3343 महिलाओं की मदद की जा चुकी है।
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महिलाओं से यही कहना चाहते हैं कि हम उनसे एक कॉल दूरी पर हैं। उनको किसी भी तरह की समस्या आ रही है तो 181 नंबर डायर करें। हमारे ऑफिस में लीगल टीम भी होती है, आपको कहीं और जगह पर भटकने की जरूरत नहीं।
पूर्णिमा धर, प्रोजेक्ट मेनेजर, जम्मू-कश्मीर