अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कश्मीर संभाग तिलहन फसलों के साथ पीली क्रांति में अग्रणी बनने की ओर अग्रसर है। इससे लोगों के लिए अधिक उद्यमशीलता के अवसर पैदा होंगे। इस साल सिर्फ कश्मीर घाटी में 800 करोड़ रुपये का सरसों के तेल का उत्पादन होगा। इससे जम्मू-कश्मीर सरसों के तेल के उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा। यह बातें उप राज्यपाल ने रविवार को अवाम की आवाज कार्यक्रम में कहीं। वहीं, इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव लाने वालों की कहानियों से प्रदेशवासियों को रूबरू करवा कर प्रोत्साहित किया है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की वास्तविक विकास क्षमता का एहसास करवाने के लिए सरकार के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारा सामूहिक प्रयास है कि एक अधिक प्रगतिशील, विकासोन्मुखी और आकांक्षी समाज बनाना है। अगले 25 वर्षों की यात्रा के लिए एक मजबूत नींव रखना है। उप राज्यपाल ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2023 में विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त करने के लिए प्रदेश के चयनित पंचायत के सरपंच, पंच और जिला प्रशासन को बधाई दी। उप राज्यपाल ने बसोहली पेंटिंग की जीआई-टैगिंग के लिए जम्मू कश्मीर के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। बसोहली पेंटिंग जम्मू क्षेत्र का पहला स्वतंत्र जीआई-टैग उत्पाद बन गया है। यह ग्राहकों को प्रामाणिक उत्पाद तक पहुंच प्रदान करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी बढ़ावा देगा।
इन लोगों प्रेरक यात्रा को किया साझा
उप राज्यपाल ने स्व-निर्मित महिला उद्यमियों, राजोरी की शालिनी खोखर और पट्टन की शमशाद बेगम की प्रेरक यात्रा को साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रतिबद्धता, दृढ़ विश्वास और साहस के साथ वह एक आधुनिक, मजबूत और आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिबद्धता और साहस के साथ वह आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। कृषि उत्पादकता में सुधार और नई कृषि तकनीकों को अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए किश्तवाड़ के गलहर के सेवा राम जैसे प्रगतिशील किसानों के प्रयासों की सराहना की। सेवा राम बेहतरीन प्रगतिशील किसानों में से एक हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि कृषि प्रणालियों के आधुनिकीकरण और कृषि-उद्यमिता को बढ़ावा देने की उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें क्षेत्र में एक बहुत प्रशंसित व्यक्तित्व बना दिया है। स्वच्छ अभियान को जनभागीदारी में बदलने और स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने के लिए सादिवारा, अनंतनाग के सरपंच फारूक अहमद गनी के प्लास्टिक दो और सोना लो अभियान की सराहना की। उपराज्यपाल ने जम्मू और कश्मीर में रंगमंच के पुनरुद्धार के लिए एक एकीकृत और समग्र रणनीति के लिए कुपवाड़ा के क्रालगुंड से वकार शाह की योजना भी साझा की। इसके अलावा सांबा के सुशील खजुरिया ने सिनेमा हॉल खोलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के बारे में भी बताया। स्कूलों में शास्त्रीय संगीत शुरू करने वाले बारामूला के उबैद कुरैशी, नेक लोगों के लिए जिला स्तरीय पुरस्कार शुरू करने पर जम्मू के अद्वैत गोयल का भी अवाम की आवाज में जिक्र किया। निस्वार्थ सेवा सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करने के लिए पुंछ के प्रोफेसर जगबीर सिंह सूदन का विशेष उल्लेख किया। अखनूर के गुढ़ा ब्राह्मणा गांव की सोनिया वर्मा के काम को भी सराहा। कहा कि उन्होंने अखनूर और खौड़ में 60 हजार से अधिक पौधे लगाए हैं। महिला-विशेष हाटों पर रियासी से प्रिया वर्मा के सुझावों को साझा करते हुए उप राज्यपाल ने महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए यूटी प्रशासन की प्रतिबद्धता को दोहराया।
विश्व प्रसिद्ध मंगला माता तीर्थ के विकास के लिए माना सरपंच का सुझाव, जिला प्रशासन को बैठक के निर्देश
एलजी ने कहा कि महिला उद्यमी जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हमने क्षमता निर्माण, क्रेडिट और मार्केटिंग लिंकेज तक आसान पहुंच के लिए उचित कदम उठाए हैं। विश्व प्रसिद्ध मंगला माता तीर्थ के विकास के लिए पंचायत भवानी (राजोरी) के सरपंच सुनील चौधरी के सुझाव का उल्लेख करते हुए उप राज्यपाल ने मंदिर में सुविधाओं के विस्तार के लिए जिला प्रशासन को जनप्रतिनिधियों और समुदाय के नेताओं के साथ बैठक करने का निर्देश दिया। सुनील चौधरी ने सूखी पत्तियों से जैविक खाद बनाने के लिए महत्वपूर्ण पहल करने का भी सुझाव दिया था।