17 माइल्स क्षेत्र में सुबह करीब पांच बजे हुई घटना, पांच दिनों में बदमाशों ने दूसरी वारदात को दिया अंजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
विजयपुर। करीब पांच दिन पहले विजयपुर के गांव गढ़वाल में बदमाशों ने एक युवक की उसके घर में घुस गोली मारकर हत्या करने के मामले को पुलिस सुलझा नहीं पाई है, और अब कुछ अन्य बदमाशों ने एक अखबार बांटने वाले व्यक्ति को 17 माइल्स में बीच रोड पर शिकार बनाया है। हालांकि, हॉकर की किस्मत अच्छी थी, जिससे उसके हाथ और पैरों पर ही तेजधार हथियार से हमले किए गए। फिर भी उसकी हालत गंभीर है, और पठानकोट के एक अस्पताल में उसका उपचार जारी है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी एक आरोपी को पकड़ा है।
जानकारी के अनुसार विजयपुर के पेखरी निवासी देविंदर सिंह (42) पुत्र सागर सिंह रोजाना की तरह शनिवार को भी अपने घर से सुबह सवा चार बजे अखबार लेने हाईवे के लिए निकले। वह अखबार उठाने 17 माइल्स के मुख्य चौक पहुंचे। उन्होंने वहां से अखबार उठाया और वापस जाने लगे तो हाईवे पर ही एमवी इंटरनेशनल स्कूल के पास उनकी बाइक को कुछ बदमाशों ने घर लिया। इसके बाद उन्होंने हॉकर पर तेजधार हथियार से कई हमले किए। इस हमले में देविंदर सिंह के पैर बुरी तरह घायल हुए हैं। बदमाशों ने उनके घुटनों पर वार किए थे। साथ ही उनकी कुछ उंगलियां भी काट दी हैं। इसके बाद बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
देविंदर सिंह कड़ाके की ठंड में तड़के हाईवे पर खून में लथपथ पड़े थे। उन्हें राहगीरों ने उठाया और पास के विजयपुर अस्पताल पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार देकर हॉकर को जीएमसी जम्मू रेफर किया गया। जब हॉकर के परिजनों को घटना का पता चला तो वे भी जीएमसी पहुंचे। वहां से वे घायल को पठानकोट के अमनदीप अस्पताल ले गए। फिलहाल घायल का पठानकोट में ही उपचार जारी है।
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एक आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे
उधर, मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने हमले के एक आरोपी को पकड़ा है। उसकी पहचान हाशम अली उर्फ बिल्ला निवासी पेखरी के रूप में हुई है। उसके खिलाफ हत्या का प्रयास करने का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस इस आरोपी के सहारे ही उसके अन्य साथियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आरोपी से गहन पूछताछ जारी है।
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अखबार बांटकर पाल रहा था परिवार
पेखरी के निवासियों के अनुसार देविंदर सिंह अपनी पत्नी और दो बच्चों (12 साल का लड़का और 15 साल की एक लड़की) के साथ रहता है। अपने परिवार को पालने के लिए वह रोजाना सुबह अखबार बांटता है। साथ ही कुछ अन्य छोटे-मोटे काम भी करता है। घर में अकेला कमाने वाला होने के कारण देविंदर के परिजन बहुत परेशान हैं। घटना के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है।