जम्मू-कश्मीर में डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की अटैचमेंट को सरकार ने तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। अब इन्हें अपने वास्तविक तैनाती स्थान पर एक अगस्त तक जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश न मानने पर डॉक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ का वेतन रोक दिया जाएगा।
पूरे प्रदेश खासकर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दृष्टि से यह आदेश जारी किया गया है। सूत्रों का कहना है कि लगभग 150 डॉक्टर व 600 पैरामेडिकल विभिन्न स्थानों पर अटैच हैं। दूरदराज के इलाकों में तैनात ऐसे डॉक्टर व पैरामेडिकल ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अटैचमेंट हासिल की है।
इससे ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। सरकार के पास इस प्रकार की कई शिकायतें पहुंची हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार ने सभी अटैचमेंट रद्द करने का फैसला किया। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव मनोज कुमार द्विवेदी ने आदेश जारी किया है।
इसके तहत विभागाध्यक्षों (जिनमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एडीएमओ और बीडीओ के साथ अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हैं) जिन्होंने अपने स्तर पर डॉक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ की अटैचमेंट की है, इन्हें रद्द कर दिया गया है।
एक अगस्त को संबंधित विभागों के प्रमुखों को अधिसूचना पर अमलीजामा पहनाने की रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए गए हैं। सभी डीडीओ को हिदायत दी गई है कि आदेश न मानने वालों को वेतन न जारी किया जाए।