संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ी भक्ति है। उनके कर्ज को हम कभी भी नहीं चुका सकते हैं। उनकी खुशी में ही संतान की खुशी होनी चाहिए। यह ज्ञान कथा वाचक विमल आचार्य ने गांव नरसिंह पुरा में आयोजित अति महाविष्णु यज्ञ में बुधवार को संगत को दिया।
उन्होंने ने कहा कि माता-पिता संतान की खुशी के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। इसलिए माता-पिता की सेवा करने से ही कई संकट खत्म हो जाते हैं। मांस और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। आपस में प्रेम से रहना चहिए।