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Jammu News: निजी स्कूलों की कैसे रुकेगी मनमानी, किन पर की कार्रवाई, अधिकारियों को नाम तक नहीं पता

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बाजार में 100 रुपये में मिलने वाली ड्राइंग बुक 450 में मिली
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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने जिला स्तर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में टीमें बनाई हैं। टीमों ने शिकायत के आधार पर अब तक कितने स्कूलों पर कार्रवाई की इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है, यानी कार्रवाई गुमनाम बन कर रह गई और अभिभावक लूट से परेशान हैं।
पहले तो स्कूल शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने देरी से मामले पर संज्ञान लिया और अब कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता की जा रही है।मुख्य शिक्षा अधिकारी सूरज सिंह ने बताया कि 35 स्कूलों पर कार्रवाई हुई। जब नाम मांगे तो कहा कि प्रतिदिन की रिपोर्ट डीसी को भेज रहे हैं। जहां से भी शिकायत मिल रही है वहां सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, स्कूल शिक्षा निदेशक जम्मू डॉ. रवि शंकर शर्मा ने कहा कि टीमों से मासिक आधार पर रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या कागजों में ही अधिकारी एक्शन ले रहे हैं, क्योंकि स्कूलों की सूची तो उनके पास है ही नहीं।
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बाजार में 100 की ड्राइंग बुक 450 रुपए में मिली
जिले में निजी स्कूल एक ही दुकान से वर्दियां व किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही प्रेजेंटेशन काॅन्वेंट स्कूल गांधीनगर में हो रहा है जहांं अभिभावकों को एक ही दुकान पर भेजा जा रहा है। नाम न छापने की शर्त पर एक अभिभावक ने कहा कि मेरी बेटी नर्सरी में है और छोटी सी कक्षा के लिए 12 किताबें खरीदी हैं। स्कूल ने किताबें और स्टेशनरी के लिए अलग दुकानें रखी हैं। किताबें स्कूल के सामने एक दुकान से मिलती है जबकि स्टेशनरी और वर्दी अंबफला में मिल रही है। स्कूल ने ड्राइंग बुक लेने को कहा जिसकी बाजार में सौ रुपये कीमत है जबकि वहां से 450 रुपये की मिली। अभिभावक ने कहा कि स्कूल प्रबंधन बात तक नहीं सुनता। सवाल करने पर दाखिला रद करने की धमकी दी जा रही है। इस संबंध में जब स्कूल प्रबंधन से बात करने की कोशिश तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। फिलहाल जब भी बात होगी तो उनका पक्ष जाना जाएगा।
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