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मन की बात: लद्दाख की तकदीर बदल रही खुबानी, मोदी बोले - अब दुबई में भी धमक

Mon, 28 Mar 2022 12:11 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/ लेह

सार

लद्दाख 15 हजार टन से ज्यादा पैदावार के साथ देश का सबसे बड़ा खुबानी उत्पादक प्रदेश है। पहले पचास फीसदी उपज हो जाती थी खराब, अब प्रसंस्करण से किया जा रहा निर्यात। 
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Ladakh Apricots - फोटो : संवाद
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विस्तार
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लद्दाख में उगने वाली दुनिया की सबसे मीठी खुबानी ठंडे मरुस्थल के किसानों की तकदीर बदल रही है। सैकड़ों जनजातीय परिवारों को खुबानी की खेती से लेकर उसके गुणवत्ता प्रबंधन, प्रसंस्करण और विपणन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन्हीं प्रयासों से लद्दाख की खुबानी अब दुबई में निर्यात हो रही है।

मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में लद्दाख की खुबानी का जिक्र किया 

रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में लद्दाख की खुबानी का जिक्र करते हुए कहा कि अब यह विश्वविख्यात उत्पाद दुबई के बाजार में उपलब्ध है।  दरअसल, देश में खुबानी की सबसे ज्यादा पैदावार लद्दाख में होती है। लद्दाख में खुबानी का 15 हजार टन से ज्यादा उत्पादन होता है।

जनजातीय परिवार उद्यमशील बन रहे

जिसमें से लगभग आधी पैदावार सही प्रबंधन न होने की वजह से खराब हो जाती है। केंद्र सरकार की मदद से लद्दाख प्रशासन ने किसानों को खेतीबाड़ी के साथ प्रसंस्करण में प्रशिक्षित करना शुरू किया है। इससे जनजातीय परिवार उद्यमशील बन रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री लद्दाख की खुबानी का पहले भी मन की बात कार्यक्रम में जिक्र कर चुके हैं, जिसके बाद से खुबानी को खास तवज्जो दी जा रही है।

लद्दाख के इतिहास में पहली बार निर्यात : एलजी

उप राज्यपाल लद्दाख आरके माथुर ने ट्वीट कर कहा - लद्दाख के इतिहास में पहली बार खुबानी, सेब और सी बकथॉर्न को प्रसंस्करण व विपणन से निर्यात किया जा रहा है। लद्दाखी किसान परिवारों के लिए यह बड़ी पहल है, जिसके लिए वे प्रधानमंत्री के विशेष रूप से शुक्रगुजार हैं।

700 जनजातीय परिवारों ने लिया प्रशिक्षण

लद्दाख में अनुसूचित जनजाति के परिवारों को टाटा ट्रस्ट हिम्मोथन सोसायटी के सहयोग से सरकार ने विभिन्न गांवों में दर्जनों फार्मर इंटस्ट्र ग्रुप बनाए हैं। इनमें खेती से लेकर उपज प्रबंधन, प्रसंस्करण और विपणन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अकेले लेह जिले के 16 गांवों के 700 जनजातीय परिवारों को इसका लाभ दिया जा रहा है।

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