दोमाना। लोअर रूपनगर रोड पर मंदिर के साथ बन रहे पुजारी के कमरे पर जेडीए ने सोमवार दोपहर 2 बजे पीला पंजा चला दिया। इससे आसपास के लोग भड़क गए और जेडीए को कार्रवाई रोकने के लिए कहा। इस दौरान पार्षद सूरज पादा मौके पर पहुंचे तो जेडीए ने कार्रवाई रोक दी और टीम चली गई। शाम 5 बजे जेडीए की टीम तहसीलदार समेत फिर पहुंची और कमरे पर जेसीबी चलाई। इससे भड़के लोग इकट्ठे हुए और प्रदर्शन शुरू कर सड़क जाम कर दी। प्रदर्शन डेढ़ घंटे तक चला। इसके बाद पुलिस ने लोगों को समझाकर प्रदर्शन खत्म करवाया।
लोगो का आरोप है कि जेडीए के तहसीलदार रंजीत सिंह ने मंदिर के साथ पुजारी के लिए बनाए जा रहे कमरे की दीवारों को तोड़ दिया। वह मंदिर को भी तोड़ना चाहते थे लेकिन लोगो के विरोध के बाद उनको कार्रवाई रोकनी पड़ी। लोगो ने आरोप लगाया कि तहसीलदार ने पुजारी सहित अन्य लोगों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद लोग एकत्रित होना शुरू हो गए। शाम साढ़े छह बजे लोगों ने सड़क पर एकत्रित होकर सड़क बंद कर दी। लोग तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर बैठ गए। इसके चलते एक किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। लोगो ने जेडीए के खिलाफ नारे लगाए। मौके पर एसडीपीओ दोमाना सुनील सिंह और दोमाना थाना प्रभारी कुणाल सिंह जमवाल पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन लोग जेडीए पर कार्रवाई के लिए अड़े रहे। तकरीबन डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत किया और सड़क को खुलवाया। राकेश बजरंगी ने बताया कि नवरात्र के पावन दिनों में हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने बताया कि जेडीए द्वारा करवाई से पहले कोई भी नोटिस नहीं दिया गया था और लोगों के साथ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।
जेडीए के वीसी पंकज मागोत्रा ने कहा कि मंदिर की आड़ में जेडीए की जगह पर कमरा बनाया जा रहा है। जेडीए को इसकी सूचना मिली। इसके बाद जेडीए ने उसे रोकने के लिए वहां पर अभियान चलाया। अगर पुराना घर तोड़ना होता तो उसके लिए नोटिस दिया जाता।