नारदनी के पास सड़क पर धरना-प्रदर्शन, महिलाएं भी शामिल, तनाव बढ़ता देख अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
जम्मू-मिश्रीवाला। बनतालाब में पुलिस हिरासत के बाद मुचलके पर रिहा युवक शुभम वर्मा की मौत के अगले दिन सोमवार को परिजनों व स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। हिरासत के दौरान पुलिस की पिटाई का आरोप लगाते हुए आक्रोशित लोगों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आठ घंटे तक बनतालाब-घरोटा मार्ग बंद रखा।
सोमवार की सुबह साढ़े सात बजे इलाके के लोगों तथा परिजनों ने नारदनी में बनतालाब-घरोटा मार्ग बंद कर दिया। साथ ही धरने पर बैठ गए। इसमें काफी संख्या में महिलाएं भी थीं। उनका कहना था कि आरोपी पुलिस वालों को बर्खास्त किया जाए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। धरना-प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे एसडीएम उत्तरी नीतीश राजोरा ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे।
तनाव बढ़ता देख अतिरिक्त फोर्स भी बुला ली गई थी। धरना-प्रदर्शन में नेकां नेता अजय सडोत्रा, भाजपा नेता केडी सिंह, सरपंच कुलजीत सिंह, युवा राजपूत सभा के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह, पूर्व अध्यक्ष राजन सिंह, कांग्रेस नेता उदय चिब, अजय सैनी, कुलभूषण सिंह शामिल थे।
नौकरी व घटना की जांच के आश्वासन पर माने प्रदर्शनकारी
बाद में एडीसी जम्मू अनसूया जमवाल और एसपी ग्रामीण बृजेश शर्मा ने मृतक परिवार को मुआवजा, मृतक के छोटे भाई साहिल वर्मा को पुलिस में एसपीओ की नौकरी और मजिस्ट्रेटी जांच का भरोसा दिलाया। इसके बाद लोग प्रदर्शन खत्म कर पोस्टमार्टम करवाने के लिए राजी हो गए। सोमवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
परिवार में इकलौता कमाने वाला था शुभम
मृतक की बहन शिवानी ने बताया कि शुभम परिवार में इकलौता कमाने वाला था। वह इलेक्ट्रिक फिटिंग का काम कर के परिवार का पेट भरता था । अगर वह नशे का आदी होता तो लोगों के घरों में काम कैसे करता। नशे का आदी होने का आरोप गलत है।
यह है मामला
रविवार की शाम पुलिस ने नशा तस्करों की धरपकड़ के लिए बनतालाब इलाके में दबिश दी थी। इस दौरान शुभम वर्मा समेत कुछ युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। आरोप है कि शुभम की पिटाई की गई। उसे निजी मुचलके पर छोड़ा गया। घर पहुंचने पर तबीयत बिगड़ने के बाद उसे जीएमसी ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिवार वालों ने रात में अस्पताल परिसर में हंगामा किया था।