उद्योगपति आनंद महिंद्रा
- फोटो : PTI
उन्होंने अपने इस ट्वीट में महिंद्रा कंपनी के ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी हेड वेलु महिंद्रा को टैग किया है ताकि उनका ध्यान इस आविष्कार की ओर केंद्रित कर सकें। वहीं आनंद महिंद्रा के ट्वीट के जवाब में वेलु ने लिखा, हां आनंद। हम बिलाल से जुड़ेंगे और देखेंगे कि हम कैसे समर्थन कर सकते हैं। वहीं, बिलाल का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि उनके आविष्कार को देखकर कोई बड़ी कंपनी उनसे जरूर संपर्क करेगी और आज उनका यह सपना पूरा हुआ। उन्हें अपनी कार का अच्छा भविष्य दिख रहा है। उन्होंने कहा, मेरा एक ही लक्ष्य है डिजिटल इंडिया में टेस्ला जैसी कंपनी को टक्कर देना, ताकि हम भारत में ही बनाएं और बाहर से कुछ नहीं मंगवाना पड़े।
अपनी सोलर कार के साथ श्रीनगर निवासी बिलाल अहमद
- फोटो : बासित जरगर
11 साल की मेहनत के बाद मिली सफलता
बिलाल अहमद को 11 वर्षों की मेहनत के बाद सोलर कार बनाने में सफलता हासिल हुई। वह अपनी कार को सड़क पर दौड़ाते हैं। इस कार पर सोलर पैनल लगे हैं और सौर ऊर्जा से चलती है। फरारी की तरह इसके दरवाजे ऊपर की तरफ खुलते हैं। श्रीनगर के सनत नगर इलाके के रहने वाले बिलाल कहते हैं कि इस कार को तैयार करने से पहले उन्होंने 1950 के बाद बनाई गई विभिन्न शानदार कारों को देखा और अध्ययन किया। उन्होंने डेलोरियन नाम के एक इंजीनियर और इनोवेटर के बारे में भी पढ़ा। डीएमसी कंपनी शुरू करने वाले डेलोरियन उनकी प्रेरणा है।
- उन्होंने ही एक ऐसी कार बनाने के लिए प्रेरित किया जो आम लोगों के लिए शानदार और सस्ती हो। बिलाल ने कहा, मर्सिडीज, फरारी, बीएमडब्ल्यू जैसी कारें एक आम व्यक्ति के लिए सिर्फ एक सपना है। केवल कुछ लोग ही इसे खरीद पाते हैं। मैंने एक शानदार अनुभव देने के लिए आम लोगों के लिए कुछ सोचा और यह कार तैयार की। वर्ष 2019 में वह सोलर पैनल बनाने वाली चेन्नई की कंपनी में भी गए। इसके अलावा उन्होंने इस क्षेत्र के कई विशेषज्ञों के साथ शोध और विचार-मंथन किया। बिलाल के मुताबिक उन्होंने कार में ऐसे सौर पैनलों का इस्तेमाल किया जो कम धूप के दिनों में भी उच्च दक्षता दे सकते हैं। इसके लिए उन्होंने सोलर पैनल बनाने वाली कंपनी के विशेषज्ञों से भी सलाह मशविरा किया।
अपनी सोलर कार के साथ श्रीनगर निवासी बिलाल अहमद
- फोटो : बासित जरगर
रिमोट से संचालित सोलर पैनल बदलते हैं दिशा
सौर पैनल दो प्रकार के होते हैं, मोनोक्रिस्टलाइन और पॉलीक्रिस्टलाइन। बिलाल ने मोनोक्रिस्टलाइन सौर पैनलों का इस्तेमाल किया जो कम जगह घेरते हैं और अधिक दक्षता देते हैं। बिलाल के मुताबिक उन्होंने कार में फरारी के तरह ऊपर की तरफ खुलने वाले दरवाजे लगाए हैं। इसका फायदा है कि ऊपर खुलने पर दरवाजों पर लगे सौर पैनल पर सीधी धूप पड़ेगी। यह दरवाजे सूर्य की बदलती दिशाओं के साथ अपनी दिशा भी बदल सकते हैं। इसके लिए उन्होंने एक रिमोट कंट्रोल बनाया है जो 1.5 किलोमीटर के दायरे में काम करता है।
अपनी सोलर कार के साथ श्रीनगर निवासी बिलाल अहमद
- फोटो : बासित जरगर
कार में चार के बैठने की क्षमता
बिलाल ने कहा, उन्होंने कार में बैठने की क्षमता को भी बढ़ाया। स्पोर्ट्स कार में केवल दो लोगों के बैठने की क्षमता होती है, लेकिन इस कार में 4 लोग आराम से बैठ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार एक प्रोटोटाइप नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से शानदार कार है। बाजार में उपलब्ध अन्य शानदार कारों की कीमत करोड़ों में है। लेकिन मैं चाहता हूं कि यह किफायती आविष्कार आम लोगों तक पहुंचे। लोग कम कीमत पर उन्नत तकनीक का उपयोग करें।