संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए भक्तों में उत्साह बरकरार है। श्रद्धालु पहलगाम मार्ग से यात्रा करने में ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। तीर्थयात्रियों के अनुसार इस मार्ग से कश्मीर घाटी की प्राकृतिक सुंदरता देखने का मिल रही है। इस रास्ते से शेषनाग के दर्शन करने का भी सौभाग्य मिलता है। यूपी से आए श्रद्धालु सीनुत और नरेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने बाबाजी के दर्शन कर लिए हैं। शनिवार को जम्मू वापस लौटे हैं। नेपाल से आई साध्वी पार्वती ने कहा कि उन्होंने वहां जो महसूस किया वह शब्दों में बयान नहीं कर पा रही हैं। वह इतनी दूर से आई हैं और बाबा बर्फानी के दर्शन कर सौभाग्यशाली महसूस कर रही हूं।
कोलकाता से आई साध्वी पूर्णिमा ने कहा कि हम लोग पहलगाम के मार्ग से गए और बालटाल से लौटे। पहली बार बाबा के दर्शन करने आए थे। कोलकाता से ही आए साधु वृंदावन ने कहा कि बाबा के दर्शन कर जन्मों की प्यास बुझ गई। हमने पहलगाम का मार्ग चुना, ताकि इस पावन धरती पर समय बिताने का मौका मिले। नेपाल से आए रविंद्र पुरी का कहना है कि यात्रा सफल हो गई है। बाबा और माता के दर्शन तो हुए ही। साथ में नाग देवता के भी दर्शन हुए। पहलगाम मार्ग से गए थे और बालटाल से लौटे हैंं।
सरस्वती धाम में 1780 टोकन जारी
जम्मू। सरस्वती धाम में शनिवार को 1780 टोकन अमरनाथ तीर्थ यात्रियों को जारी किए गए। इनमें 780 श्रद्धालु पहलगाम और एक हजार भक्त बालटाल के लिए पंजीकरण करवाएंगे। महाजन सभा में पंजीकरण केंद्र शनिवार को भी बंद रहा। राम मंदिर में 68 साधु साध्वियों ने पहलगाम के लिए पंजीकरण करवाया। गीता भवन में 33 साधुओं और साध्वियों ने पंजीकरण करवाया जिनमें 30 पहलगाम और तीन बालटाल से जाएंगे। वैष्णवी धाम में 639 भक्तों का पंजीकरण हुआ। पहलगाम से 288 और बालटाल से 351 श्रद्धालु सफर करेंगे। इसी तरह पंचायत भवन में 546 भक्तों का पंजीकरण हुआ। इनमें पहलगाम से 226 व बालटाल से 320 भक्त जाएंगे। संवाद