- अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों को देखते हुए विचार में जुटा जम्मू-कश्मीर प्रशासन
- जल्द लिया जा सकता है बड़ा फैसला
खास खबर
साहिल खजूरिया
कठुआ। 29 जून से शुरू होने जा रही श्री अमरनाथ यात्रा में सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा बदलाव किए जाने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में दाखिल होने के साथ ही भक्तों के वाहनों को सुरक्षा घेरे और काफिले में जम्मू तक जाने की अनुमति दी जा सकती है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार फिलहाल इसे लेकर विचार कर रही है।
रियासी में श्रद्धालुओं की बस पर घात लगाकर किए गए आतंकी हमले और कठुआ के हीरानगर में जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे के नजदीक आतंकी एनकाउंटर के बाद इसे लेकर फैसला लिया जा सकता है। दरअसल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हीरानगर और कठुआ के इलाकों में संदिग्ध देखे जाने की लगातार सूचनाएं सामने आ रही हैं। फिलहाल एजेंसियों के हाथ कुछ लगा नहीं है लेकिन इसे हलके में नहीं लिया जा सकता है। लिहाजा सुरक्षाबलाें को सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करने के संबंध में पुलिस महानिदेशक ने भी दो टूक निर्देश जारी किए हैं। सिर्फ अंतरराष्ट्रीय सीमा और हाईवे ही नहीं, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर पहाड़ी इलाकों में भी है। जहां नब्बे के दशक में कमान संभालकर लौट चुकी सेना को एक बार फिर वापस बुला लिया गया है।
उधर, विशेष रूप से ध्यान यह भी दिया जा रहा है कि इस बार श्री अमरनाथ यात्रा में आने वाले भक्तों को किसी भी सूरत में लिंक मार्गाें पर डायवर्ट होने से रोका जा सके। लिहाजा विशेष निगरानी लखनपुर, दियालाचक और मानसर में रखी गई है। इस बार श्री अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं के पंजीकरण में भारी उत्साह को देखते हुए पांच लाख के लगभग श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। लिहाजा व्यवस्था के साथ साथ सुरक्षा भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
पहले लखनपुर से कठुआ तक कोई कॉनवाई नहीं बनाई जाती थी लेकिन इस बार प्रशासन इस पर भी सोच रहा है कि यात्रा को सुरक्षा के लिहाज से काफिले के रूप में ही कठुआ से जम्मू तक ले जाया जाए। इसके अलावा रास्ते में सुरक्षा नाकों को बढ़ाने, पेट्रोलिंग लगातार किए जाने और सांबा कठुआ के बीच सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत किए जाने पर भी विचार किया जा सकता है।
विनय कुमार, एसएसपी ट्रैफिक रूरल