जम्मू के त्रिकुटा नगर पुलिस ने दो दिन पहले श्री अमरनाथ यात्रा के लिए फर्जी पंजीकरण करने के मामले में दिल्ली के रैकेट का भंडाफोड़ किया था। अब नवाबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज अज्ञात आरोपी की तलाश के लिए टीम दिल्ली के लिए रवाना हो गई।
पुलिस ने जांच के दौरान पाया था कि श्रद्धालुओं के प्रमाण पत्र जाली हैं। इसके बाद फर्जी पंजीकरण करने वाले की तलाश शुरू कर दी। फिलहाल श्रद्धालुओं को भगवती नगर में रखा है।
वहीं, नवाबाद पुलिस के पास भी 250 लोगों ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। बताया है कि आरोपी ने एक पंजीकरण के बदले 300 से 500 रुपये लिए थे। त्रिकुटा नगर पुलिस की अब तक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी हरेंद्र वर्मा साइबर कैफे संचालक है।
ट्रैवलर एजेंसी के दो अन्य सहयोगी दलीप प्रजापति और विनोद कुमार बस की बुकिंग के बाद पंजीकरण करवाने का झांसा देते थे और इसकी एवज में प्रति श्रद्धालु दो से 25 सौ रुपये वसूलते था। बाद में राशि आपस में बांटी जाती थी। तीनाें आरोपियों से पूछताछ जारी है। इन्हें न्यायालय में सोमवार को पेश किया जाएगा। इसी तरह नवाबाद पुलिस ने रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद टीम दिल्ली भेजी।
नया मामला नहीं आया सामने
त्रिकुटा नगर और नवाबाद पुलिस ने फर्जी पंजीकरण का पता लगाने के लिए आधार शिविरों में जांच की है। जांच के दौरान कोई मामला सामने नहीं आया। त्रिकुटा नगर पुलिस स्टेशन में 37 श्रद्धालुओं ने शिकायत दर्ज करवाई थी।
ऐसा होता था फर्जीवाड़ा
दिल्ली में अमरनाथ यात्रा के लिए बसों और अन्य वाहनों की बुकिंग के लिए लोग ट्रैवल एजेंटों से संपर्क करते थे। इस दौरान उन्हें वाहन बुक करने के साथ पंजीकरण का झांसा दिया जाता था। दलालों के साथ साइबर कैफे के संचालक की सांठगांठ थी। बुकिंग के साथ ही पंजीकरण करने की राशि दो हजार से 25 सौ रुपये वसूली जाती थी। इतना ही नहीं, लोगों को झांसा दिया जाता था कि ऑनलाइन बुकिंग के बाद सीधा यात्रा में शामिल हो सकेंगे। जब लोग रेलवे स्टेशन और नवाबाद पहुंचे तो पंजीकरण फर्जी पाए गए।