अमरनाथ यात्रियों का फर्जी पंजीकरण करवाने वाले आरोपी पुलिस हिरासत में
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू की त्रिकुटा नगर पुलिस ने श्री अमरनाथ यात्रा के लिए फर्जी पंजीकरण करने के मामले में दिल्ली के एक रैकेट का भंडाभोड़ कर मुख्य आरोपी सहित तीन को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी के कैफे में छापा मारकर पुलिस ने नकदी बरामद करने के साथ ही कंप्यूटर और प्रिंटर भी सीज किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंदन कोहली ने बताया कि दिल्ली और यूपी से आने वाले कई भक्तों का पंजीकरण फर्जी निकला था।
जांच में सामने आया कि यह रैकेट दिल्ली से संचालित हो रहा है। इस संबंधी त्रिकुटा नगर पुलिस स्टेशन में 37 श्रद्धालुओं ने दिल्ली के शहादरा के एक साइबर कैफे संचालक के खिलाफ 420 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस की एक टीम ने दिल्ली में छापा मारा और आरोपी हरेंद्र वर्मा निवासी रोहिताश नगर, शहादरा को गिरफ्तार किया।
उससे पूछताछ पर उसके दो सहयोगियों दलीप प्रजापति और विनोद कुमार को भी हिरास्त में लिया गया है। वहीं, नबावाद पुलिस के पास भी 250 लोगों ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। इन लोगों से आरोपी ने एक पंजीकरण के बदले 300 से 500 रुपये लिए थे।
लखनपुर: 91 पंजीकरण फर्जी मिले
लखनपुर। अमरनाथ यात्रा के चलते लखनपुर में दूसरे दिन भी फर्जी पंजीकरण के 91 नए मामले सामने आए हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि फर्जी पंजीकरण के ज्यादा मामले दिल्ली व उत्तरप्रदेश से मिल रहे हैं। टेंपो में 22 यात्री थे। चालक शुभम सिंह निवासी गाजियाबाद के दस्तावेज फर्जी मिले।
यह पंजीकरण दिल्ली के एजेंट अनिल शर्मा निवासी शहादरा से करवाया गया था। कार के 12 यात्रियों के पंजीकरण भी फर्जी मिले। यह पंजीकरण एजेंट गंगा राम निवासी सुल्तानपुरी दिल्ली से करवाया गया था। बस में भी 34 यात्री फर्जी पंजीकरण के साथ पाए गए। इनका पंजीकरण एजेंट कर्ण वर्मा ने किया था। टेंपो में 23 फर्जी मामले मिले। यह पंजीकरण एजेंट अनिल पात्रो ने किया था।
सीसीटीवी फुटेज देख जांची सुरक्षा
अमरनाथ यात्रियों के फर्जी पंजीकरण के मामले के बाद डीआईजी शक्ति पाठक जम्मू के प्रवेश द्वार लखनपुर पहुंचे और कॉरिडोर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही पंजीकरण केंद्र में लगे सीसीटीवी की फुटेज देखी। इसके बाद क्षेत्र का दौरा किया और पुलिस व स्थानीय प्रशासन की तरफ से किए गए सुरक्षा इंतजाम देखे।
डीआईजी ने बताया कि फर्जीवाड़े में जिन ट्रेवल एजेंटों के नाम आए हैं, उनकी प्राथमिकी दर्ज करने के बाद जांच की जा रही है। उन्होंने सभी ट्रेवल एजेंट और कंपनियों को हिदायत दी कि वह यात्रियों को गुमराह न करें और उनका गलत पंजीकरण कर उन्हें परेशानी में न डालें।