-जिले में 1400 किसानों के खेतों की मिट्टी के सैंपल लेगा कृषि विभाग
-लैब में जांच कर पता करेगा किस जमीन में किन पोषक तत्वों की जरूरत
-खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल पर लगेगा अंकुश, खेती खर्च घटेगा, बढ़ेगी पैदावार
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। किसानों के लिए अच्छी खबर है। कृषि विभाग खेतों की मिट्टी के स्वास्थ्य कार्ड बनाएगा। इसके लिए जिले के 1400 किसानों के खेतों की मिट्टी के सैंपल लेगा। इससे किसान कार्ड की रिपोर्ट के अनुसार फसलों को खाद डाल सकेंगे। पोषक तत्वों की जरूरत की मात्रा का पता चलने से अंधाधुंध डाली जा रही खादों पर अंकुश लगेगा। इससे कृषि खर्च कम होगा और पैदावार बढ़ेगी। कृषि विभाग ने सैंपलिंग शुरू कर दी है।
सरकार के निर्देश पर कृषि विभाग किसानों की आमदन बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। कम खर्च में खेती से ज्यादा पैदावार लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कृषि की उत्तम तकनीकें बताई जा रही हैं। वहीं, अब विभाग खेतों की मिट्टी के सैंपल ले रहा है। मिट्टी की जांच कर पता लगाएगा कि जमीन को किस खाद की ज्यादा जरूरत है और किसकी कम।
कृषि विभाग के अनुसार किसान खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल कर रहे हैं। पेस्टीसाइड डाल रहे हैं। अंदाजन खादों के इस्तेमाल से जमीन मेंं कहीं यूरिया की मात्रा अधिक है तो, कहीं अन्य खादें। जिन खादों की जरूरत नहीं होती वे भी डाल रहे हैं। जिनकी जरूरत होती है, वे नहीं डालते। इससे पैदावार बढ़ने की बजाये कम होती है। अधिक खर्च के बावजूद आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। इसलिए अब विभाग ने मिट्टी के सैंपल लेने का फैसला लिया है। मिट्टी के स्वास्थ्य कार्ड पर लिखा होगा कि खेत में किस पोषक तत्व की कमी है, किसकी जरूरत नहीं है।
खेतों में जा रहीं विभाग की टीमें
मिट्टी की सैंपलिंग के लिए कृषि विभाग ने फील्ड टीमों का गठन किया है। ये टीमें गांव-गांव जाकर खेतों से मिट्टी के सैंपल ले रही हैं। सैंपलों की विभाग की सांबा स्थित लैब में जांच होगी। यहां खेतों के हेल्थ कार्ड बनाए जाएंगे। इनमें मिट्टी में तत्वों की कमी सहित अन्य रिपोर्ट दर्ज होगी।
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कृषि विभाग का अच्छा कदम, किसानों को होगा फायदा
कृषि विभाग ने हमारे खेत से सैंपल लिए हैं। कहा है कि मिट्टी का स्वास्थ्य कार्ड दिया जाएगा। यह विभाग का अच्छा कदम है। इससे किसान को पता चल सकेगा कि उनके खेत की मिट्टी में किस खाद और तत्व की कमी है।
प्रीतम सिंह, चचवाल (राजपुरा)
पहली बार कृषि विभाग ऐसा कर रहा है। स्वास्थ्य कार्ड मिलने से किसानों का खादों पर आने वाला खर्च कम होगा। जरूरत के अनुसार खाद डालेंगे। जबकि, पैदावार बढ़ेगी। अंधाधुंध यूरिया के किए जा रहे इस्तेमाल पर अंकुश लगेगा।
कृष्ण लाल, मगुचक, सारथी
कृषि विभाग ने उनके खेत के मिट्टी के सैंपल लिए हैं। स्वास्थ्य कार्ड मिलने से किसानों को फायदा होगा। वे फसल लगाते समय जमीन की जरूरत के अनुसार खाद डाल सकेंगे। इससे अधिक खाद डालने से जमीन को हो रहे नुकसान से बच सकेंगे।
कर्मचंद, जराई, चक दुलमा
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कोट
मिट्टी की सैंपलिंग शुरू कर दी है। जिले की पंचायतों से 1400 सैंपल लिए जाएंगे। सांबा की लैब में जांच होगी। कई बार मिट्टी में अधिक मात्रा में यूरिया हो जाता है। जबकि, फास्फोरस, जिंक, पोटाश और नाइट्रोजन की कमी रहती है। लेकिन, किसान अंदाजन खादें डालते रहते हैं। जमीन के स्वास्थ्य कार्ड मिलने पर किसान उसके अनुसार खादों का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल पर रोक लगेगी। किसानों का खादों पर खर्च कम होगा और पैदावार बढ़ेगी।
-संजय वर्मा, मुख्य जिला अधिकारी, कृषि विभाग