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कंडी में कीड़ा और मैदानी क्षेत्र में ब्लास्ट बीमारी की चपेट में धान की फसल

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बाड़ी ब्राह्मणा। धान की फसल पक कर तैयार है और बासमती को लगभग 15 से 20 दिन और पकने में लग जाएंगे। धान की फसल को बीमारी लग गई है, जिससे किसान परेशान हैं। कंडी क्षेत्र में धान के पौधे के मध्य में गांठ के पास और तने में कीड़ा लग गया है, जिससे वह सूखता जा रहा है। कीड़ा पौधे में बने रस को चूस रहा है और दाना बीच में ही खत्म हो रहा है। मैदानी इलाकों में ब्लास्ट नामक बीमारी फसल को लगी है। इससे पौधे पर लाल रंग के छोटे-छोटे धब्बे पड़ रहे हैं। पौधे की पत्तियां सूख कर चूर्ण बना रही हैं।
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फसल को बीमारी लगने से किसानों की नींद उड़ गई है। किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों के समक्ष समस्या को उजागर कर समाधान की अपील की है। बीरपुर पंचायत के पूर्व सरपंच गौतम सिंह जमवाल ने बताया पिछले साल धान की फसल ओलावृष्टि के कारण तबाह हो गई थी। इस बार धान की फसल को बीमारी ने जकड़ लिया है। अगर समाधान नहीं हुआ तो बर्बाद हो जाएंगे। इस बीमारी का इलाज कृषि विभाग के अधिकारियों के पास भी नहीं है। हाल ही में मक्के की फसल को भी बीमारी लग गई थी, जिसका भी विभाग कोई इलाज नहीं कर पाया है।
सूचना के बाद खेतों में जा कर फसल का जायजा लिया है। कंडी में फसल को कीड़ा लगा हुआ है और मैदानी क्षेत्र में ब्लास्ट नामक बीमारी पैर पसार रही हैं। दोनों क्षेत्रों में किसानों को अलग-अलग दवाई का छिड़काव करने के लिए कहा गया है। कंडी क्षेत्र में लैंम्डॉ और मैदानी क्षेत्रों में कोराजन दवाई का किसान छिड़काव करें। इससे बीमारी को खत्म किया जा सकता है।
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- राकेश कुंडल, एग्रीकल्चर एक्सटेंशन असिस्टेंट, बाड़ी ब्राह्मणा
धान की फसल में ऐसे समय में बीमारी लगी है, जिसका दवाई छिड़काव से निदान नहीं हो सकता है। क्योंकि इस समय पौधे काफी ऊंचे हैं। किसानों को उचित समय पर फसलों की देखरेख के लिए जागरूक किया जाता है, लेकिन लापरवाही के कारण फसलों को नुकसान पहुंचता है।
-राजेश शर्मा, जूनियर असिस्टेंट एक्सटेंशन अफसर, ब्यासपुर परलाह
बीमारी के चलते धान के दाने काले हो रहे हैं। इससे पौधा नष्ट होने की कगार पर है। कृषि विभाग के अधिकारी अभी तक इससे अवगत नहीं है। उनको इस बीमारी के बारे में कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।
- जसपाल, किसान
20 दिन पहले कृषि विभाग के अधिकारी को इस बीमारी के संबंध में अवगत करवा दिया था। उन्होंने बड़े दिनों बाद फसल का जायजा लिया और दवाई बताई। लेकिन इसके छिड़काव से फसल काली हो गई है। अधिकारियों का यह रवैया सही नहीं है। अधिकारियों को इस संबंध में संज्ञान लेना चाहिए। एक एकड़ जमीन में लगी फसल दवाई के कारण खराब हो गई है।
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- दर्शन कुंडल, किसान
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