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धान की कटाई कर फसल समेटने में लगे किसान

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धान की फाडी करते हुए मजदूर
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आरएस पुरा। उपजिला क्षेत्र में धान की कटाई का काम तेजी से शुरू हो गया है। कुछ किसान जहां कंबाइन मशीन से फसल की कटाई करा रहे हैं। वहीं अधिकतर किसान खुद ही धान की कटाई में लगे हैं।
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किसान हरबंस का कहना है कि अगर कुछ दिन मौसम साफ रहता है तो फसल समेटने का काम जल्द पूरा हो जाएगा। छोटी धान जिसे शरबती नाम से जाना जाता है की फसल की कटाई काफी दिन पहले शुरू हो चुकी है, अब बासमती की कटाई का काम शुरू कर दिया है। ताकि समय पर फसल घर पहुंचा सकें।
सीमावर्ती किसान सुभाष चौधरी, ज्ञान चंद तथा जगदीश राज ने बताया कि बासमती का प्रति क्विंटल 4200 रुपये है, और मात्र 200 रुपये की ही बढ़ोतरी हुई है। जो काफी कम है। उन्होंने कहा कि कम मजदूर मिल रहे थे अब काफी संख्या में प्रवासी मजदूर भी क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। उनके द्वारा भी धान की कटाई का काम किया जा रहा है।
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किसान दर्शन लाल, मंगत राम, हंसराज ने कहा कि इस बार समय पर नहरी पानी न मिलने के कारण फसल की पैदावार पर काफी असर पड़ा है। फसल का दाना काला पड़ चुका है। किसानों ने कहा कि अगर आने वाले कुछ दिनों में मौसम पूरी तरह से साफ रहता है तो जल्द ही धान की कटाई का कार्य पूरा हो जाएगा। उसके उपरांत किसानों ने गेहूं की बिजाई का कार्य शुरू करना आरंभ कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि अब खेतीबाड़ी करना किसानों के लिए घाटे का सौदा बन गया है। जिस तरह धान लगाए जाने के लिए खर्च उठाना पड़ता है वह भी पुरा नही हो पाता। बाजार में बासमती चावल का भाव प्रति किलो 100 रुपये से अधिक है। किसानों को मिलने वाला लाभ व्यापारी व मिलर ही उठाते हैं।
फोटो
धान खरीद केंद्रों में ठेकेदारों की मनमानी से किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। सरकारी धान खरीद केंद्रों के ठेकेदारों की मनमानी से किसान परेशान हैं। उन्होंने किसानों को लूटने का आरोप लगाया है।
किसानों का कहना है कि धान को साफ करने के लिए एक क्विंटल धान के लिए छह किलो धान काटी जा रही है। इसकी कीमत 123.60 रुपये बनती है। जब की धान की सफाई करने के लिए एफसीआई की तरफ से जारी नोटिस में 70 रुपये लिखा हुआ है। हर केंद्र पर इसकी सूचना बोर्ड पर भी लगाई गई है। दूसरी तरफ तोल में बोरी का तोल 500 ग्राम है और ठेकेदार एक किलो फालतू तोल रहे हैं।
किसान व पब्लिक ज्वाइंट एक्शन छंब ज्यौड़ियां के प्रधान अमृत भूषण बाबा भारती ने बताया कि हम किसान लोग इसी बात को लेकर एसडीएम से भी मिल चुके हैं उसके बाबजूद भी लूट खसूट पर रोक नहीं लग पाई है!
भाजपा नेता व किसान यूनियन के प्रधान अंकुश चौधरी ने बताया कि सुनने में आ रहा है कि सरकारी धान खरीद केंद्रों पर लूट चल रही है। हम जांच करेंगे। अगर ऐसा पाया गया तो किसान यूनियन इसका विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि हर किसान को जागरूक होने की जरूरत है। धान के मूल्य और उस पर लगने वाली मजूदरी कृषि विभाग के निदेशक की तरफ से तय की गई है।
किसान व जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के ब्लाक खौड़ के प्रधान विजय कुमार ने बताया कि क्षेत्र के किसानों के एक दल ने आज इस सिलसिले में बताया है कि धान खरीद केंद्र पर हमें लूटा जा रहा है, लेकिन मैंने तो अभी तक धान बेची नहीं है कि मुझे जानकारी हो सके। हम केंद्र पर पहुंच कर बात करेंगे।
किसान व आम आदमी पार्टी किसान सेल के जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह भाऊ ने बताया कि सुनने में तो आ रहा है कि धान खरीद केंद्र पर किसानों से धान की सफाई तथा बोरी तौल का रेट अधिक लिया जा रहा है, लेकिन हमने तो अभी तक धान बेची नहीं है। न ही केंद्र पर पहुंच कर जानकारी ली है। अगर ठेकेदारों की तरफ से अधिक मूल्य वसूले जा रहे हैं तो हम सहन नहीं करेंगे।
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