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बारिश और तेज हवा से धान की फसल को नुकसान

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बारिश व तेज हबाओ से खेतोँ मे गिरी बास्मती फसल।
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अरनिया। बारिश और तेज हवा चलने से धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों को अपनी धान फसल को लेकर चिंता सताने लगी है।
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सोमवार की सुबह तेज हवा के साथ हुई बारिश से विश्व विख्यात बासमती फसल खेतों में लेट गई है, जिससे गत वर्ष की तरह इस बार भी नुकसान होने की आशंका बन रही है। हालांकि पीबी-71, शरबती व 1121 नामक धान की छोटी किस्म की फसल को फिलहाल नुकसान नहीं पहुंचा है। किसान दौलत राम, गरीब दास, कृष्ण लाल, बरेयाम सिंह, निक्का राम व तीर्थ चंद आदि का कहना है कि भले ही इस बार नहर विभाग नहरों में जलापूर्ति करने में असमर्थ रहा, मगर मौसम अनुकूल रहने से समय-समय पर बारिश होने से धान की फसल अंतिम पड़ाव तक पहुंच चुकी थी, मगर सोमवार सुबह तेज हवा के साथ हई बारिश ने बासमती की फसल को खेतों में ही गिर दिया है, जिससे नुकसान होना तय है। हो सकता है धूप में निखार आने के तीन चार दिन बाद घुटनों तक खड़ी हो जाए, मगर फिर भी उत्पादन में करीब 40 प्रतिशत की कमी जरूर आएगी।
विजयपुर में बारिश से हर वर्ग खुश नजर आया
विजयपुर। क्षेत्र में हुई बारिश के बाद मौसम ने करवट बदली है। लोगों को गर्मी से राहत मिली है। सोमवार को हुई बारिश से हर वर्ग खुश नजर आ रहा है। हालांकि इस बारिश से किसानों की फसलों को थोड़ा नुकसान भी हुआ है, लेकिन कंडी क्षेत्र के लोगों को बारिश की बहुत जरूरत थी। लोगों ने मक्की की फसल को काट लिया था और गेहूं की फसल की तैयारी में थे। बारिश से लोगों को काफी राहत मिली है। संवाद
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बारिश और तेज हवा से धान की फसल को नुकसान
रामगढ़। सीमावर्ती गांव रामगढ़ क्षेत्र में सोमवार सुबह हुई बारिश से दर्जनों गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि क्षेत्र में बारिश से खेतों में बासमती और शरबती की धान की फसल लेट गई है। इससे काफी नुकसान हुआ है।
बॉर्डर किसान यूनियन के प्रधान मोहन सिंह भट्टी, पूर्व सरपंच ओमप्रकाश चौधरी, तेजिंदर सिंह, भगवान चौधरी, सुखदेव सिंह, नरसी चौधरी, पंच बिल्लू चौधरी ने कहा कि हमारे क्षेत्र में जब बारिश की जरूरत थी, तब बारिश नहीं हुई। अब शरबती धान को बारिश की जरूरत नहीं है, अब बारिश और अंधी से क्षेत्र के किसानों ने शरबती और बासमती धान की फसल लगाई है, उन्हें नुकसान हुआ है। सीमावर्ती गांव रंजीतपुरा के किसान का कहना है कि हमें अभी शरबती धान की फसल की कटाई करने के लिए मुश्किल हो गई है। किसानों का कहना है कि जो फसल जमीन पर गिर गई है उसमें दाने भी नहीं लगेंगे।
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बारिश से गेहूं की फसल को होगा लाभा
अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया है। किसानों ने बारिश को गेहूं की फसल के लिए बेहतर बताया। सोमवार सुबह ही क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई। करीब तीन घंटे हुई बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। करीब दस बजे बारिश रुकी, जबकि दोपहर तक बादल छाए रहे। किसान मंगा राम ने बताया कि कंडी क्षेत्र में बारिश से गेहूं की फसल को लाभ होगा। संवाद
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