जम्मू। एचएडीपी (होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवल्पमेंट प्रोग्राम) के तहत कृषि विभाग किसानों की मदद के लिए 2000 कृषि उद्यमी तैयार कर रहा है। यह कृषि उद्यमी पंचायत स्तर पर 250 कृषि खिदमत घरों में बैठ कर उनकी समस्याओं को हल करेंगे। इतना ही नहीं उनको हर तरह की जानकारी देगा जो किसानों को जरूरत होगी।
केंद्र सरकार, प्रदेश की सरकार या कृषि विभाग की ओर से सृजित किसी भी तरह की स्कीम या सब्सिडी की जानकारी और लाभ किसानों तक पहुंचाने का काम कृषि उद्यमी का प्रमुख कार्य होगा। कृषि उद्यमी 2 साल के लिए कांट्रेक्चुअल स्तर पर रखे जा रहे हैं। उनका कार्य देखने के बाद कृषि उद्यमी का यह समय बढ़ा दिया जाएगा। इसके लिए बीएससी जरूरी है। किसी अन्य तरह का डिप्लोमा होने पर ज्यादा लाभ होगा। महिला कृषि उद्यमी बनाने के लिए विभाग ज्यादा सोच रहा है। इतना ही नहीं, कृषि उद्यमी को किसानों की मदद करने के लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि किसानों की समस्या को हल करने में सक्षम हों। कृषि उद्यमी के फार्म भरने की आखिरी तारीख 18 मार्च है। संवाद