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कचरा निस्तारण संयंत्र लगाने का ग्रामीणों ने किया विरोध

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मौके पर लोगों को समझाती तहसीलदार बाड़ी ब्राह्मणा दीक्षा बंबा.
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बाड़ी ब्राह्मण। लोअर बीरपुर में म्यूनिसिपल कमेटी की तरफ से लगाए जा रहे कचरा निस्तारण संयंत्र को काम शुरू होते ही स्थानीय लोग इसके विरोध में आ गए। उन्हें कमेटी द्वारा शुरू कराए जा रहे काम को बंद करा दिया। इस बीच विरोध की सूचना मिलने पर ईओ, तहसीलदार मौके पर पहुंच गए, और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस पर ग्रामीणों ने वीरवार को पंचायत कर अपना पक्ष बताने बंद रखने को कहा।
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नगर में घरों से निकलने वाले कचरे की निस्तारण की बड़ी समस्या है। म्यूनिसिपल कमेटी इसके समाधान के लिए लोअर बीरपुर में पांच कनाल स्टेट लैंड पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत से कचरा निस्तारण संयंत्र लगाने जा रहा है। बुधवार को इस परियोजना पर काम शुरू किया गया। काम शुरू होता देख बड़ी संख्या में पंचायत के लोग पहुंच गए और मौके पर खोदाई कर रही जेसीबी आदि को रोक दिया। वे विरोध करने लगे कि यहां कचरे का डंपिंग ग्राउंड नहीं बनने दिया जाएगा। लोगों कहा कि कचरे का डंपिंग स्टेशन खोलने से उनका क्षेत्र बर्बादी के मुहाने पर आ जाएगा। हर तरफ दुर्गंध ही दुर्गंध फैलेगी। उनकी जमीनों की कोई वैल्यू नहीं रहेगी। इस विवाद के बारे में पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंच गई। विरोध सूचना पर नायब तहसीलदार अर्जुन सिंह भी मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों को समझाने लगे। इसके बावजूद ग्रामीणों ने काम शुरू नहीं होने दिया।
इस बीच तहसीलदार दीक्षा बंबा, अधिशासी अधिकारी जोधराज, म्यूनिसिपल कमेटी अध्यक्ष कैप्टन बचन लाल और अन्य अधिकारी पहुंच गए। तहसीलदार को ग्रामीणों ने बताया कि वह क्षेत्र में कचरे का डंपिंग स्टेशन नहीं खुलने देंगे। क्योंकि उससे उनको काफी दिक्कत होगी। उनके इलाके में गंदगी फैल जाएगी।
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तहसीलदार दीक्षा बंबा ने ग्रामीणों को समझाया कि यह स्टेट लैंड है, और राजस्व विभाग द्वारा कमेटी को स्थानांतरित कर दी गई है। इस जगह पर कचरे का डंपिंग स्टेशन नहीं बन रहा है, बल्कि उसके निस्तारण का संयंत्र लगाया जा रहा है। यहां आसपास के क्षेत्र का जितना भी कचरा होगा उसको इकट्ठा करके मशीनरी के जरिये साफ किया जाएगा। इसके लिए करोड़ों रुपये की मशीनरी लगेगी और कचरे को अलग किया जाएगा। गीले कचरे के लिए अलग से मशीनरी और सूखे कचरे के लिए अलग से मशीनरी लगेगी। कचरे को रीसायकल किया जाएगा। गीले कचरा से ऑर्गेनिक खाद तैयार की जाएगी, जिसका फायदा भी किसानों को होगा। संयंत्र लगने से यहां के लोगों को रोजगार के साधन मिलेंगे। संयंत्र परिसर को बाउंड्री वाल से घेरा जाएगा। क्षेत्र में कचरे की बदबू नहीं फैलेगी। बल्कि जो भी गंदगी इंडस्ट्री द्वारा खड्ड के किनारे की जा रही है, उसको भी इस्तेमाल में लाया जाएगा।
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क्षेत्र में कचरा निस्तारण संयंत्र लगने से क्षेत्र में जगह-जगह लगने वाले कचरे के ढेर से निजात मिलेगी। सूखे और गीले कचरे को सेग्रीगेट किया जाएगा और लोगों को इसका फायदा मिलेगा। रोजगार भी लोगों को मिलेगा। यह परियोजना लोगों की भलाई के लिए की जा रही है।
-जोधराज, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, म्यूनिसिपल कमेटी, बाड़ी ब्राह्मणा
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क्षेत्र में पहले ही एफसीआई का गोदाम खोला गया है। वह भी लोगों की भलाई के लिए खोला गया, लेकिन गोदाम से निकलने वाले कीड़ों ने आसपास के लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इसलिए कचरे के इस डंपिंग स्टेशन को क्षेत्रवासी विरोध कर रहे हैं।
-गौतम सिंह जमवाल, पूर्व सरपंच
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म्यूनिसिपल कमेट का कचरा पंचायतों में क्यों फेंका जा रहा है। उसके लिए वहां ही कोई डंपिंग स्टेशन देखें, जहां कचरे का सेंटर खोले जाने से स्थानीय लोगों के लिए काफी परेशानियां सामने आएंगी।
-सुरेश कुमार, सरपंच, पंचायत लोअर बीरपुर
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कचरे का स्टेशन खोलने से इलाके में गंदगी फैलेगी। वैसे ही भी इंडस्ट्री की गंदगी ने जीना मुहाल कर दिया है। ऊपर से कमेटी का कचरा भी क्षेत्र में फेंका जाएगा, जिससे परेशानी बन जाएगी।
-साहिल
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एक बार जब काम शुरू हो गया तो उसके बाद सरकारी विभाग किसी की भी नहीं सुनते। इसलिए लोगों से बातचीत करने के बाद ही इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा। अगर यह प्रोजेक्ट लोगों के हित में होगा तो अमल किया जाएगा।
-मोहन लाल
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कचरे का स्टेशन खोलने से लोगों के जमीनों का मूल्य नहीं रहेगा। क्योंकि गंदगी में आकर कोई भी नहीं बसना चाहेगा। इसलिए प्रशासन को इस जमीन पर कोई अच्छा प्रोजेक्ट लागू करना चाहिए।
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-गिरधारी लाल
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