महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटरों के आसपास पुलिस ने महिला दस्ते को तैनात किया है। छात्राओं का कहना है कि जम्मू कश्मीर पुलिस की ओर से यह एक अच्छी पहल है।
ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में महिला सुरक्षा दस्ते की तैनाती का महिलाओं ने स्वागत किया। पररेपोरा इलाके में मंगलवार को दस्ते की गाड़ियां गश्त करती दिखीं। ये दस्ता महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटरों के आसपास तैनात किया गया है। छात्राओं का कहना है कि जम्मू कश्मीर पुलिस की ओर से यह एक अच्छी पहल है।
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श्रीनगर शहर के कोचिंग सेंटरों, स्कूलों, कॉलेजों के पास होगी गश्त
इससे उनमें सुरक्षा की भावना पैदा होगी। दोनों महिला दस्तों की इंचार्ज खालिदा परवीन ने बताया कि मंगलवार को उनकी गश्त का पहला दिन था। शुरुआत में अभी दो दस्ते तैनात किए गए हैं, जो श्रीनगर शहर के कोचिंग सेंटरों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास के इलाकों में गश्त करेंगे।
प्रत्येक दस्ते में 5 महिला पुलिसकर्मी
प्रत्येक दस्ते में 5 महिला पुलिसकर्मी हैं। ताबिश जान नाम की छात्रा ने बताया कि हम यहां कोचिंग के लिए आते हैं और अक्सर यहां छेड़छाड़ जैसे मामले सामने आते हैं, लेकिन पुरुष पुलिसकर्मियों के सामने बोलने में हिचकिचाहट होती थी।
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श्रीनगर में एसिड अटैक के बाद उठाया कदम
अब जब महिला सुरक्षा दस्ते मौजूद रहेंगे तो अपनी शिकायत पुलिस ने सामने खुल कर रख सकेंगे। एक अन्य महिला फायजा ने बताया कि पुलिस ने अच्छा कदम उठाया है। हाल में जो एसिड अटैक हुआ था उससे महिलाओं में एक डर सा पैदा हो गया था।
हेल्पलाइन नंबर 9596770601 भी शुरू
अब पुलिस की इस पहल से खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हैं। बता दें, श्रीनगर पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर 9596770601 भी शुरू की है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि रोजाना उन्हें इस हेल्पलाइन नंबर पर कम से कम 20 कॉल आती हैं।