गांदरबल। धीरज और दृढ़ संकल्प से साइकलिस्ट शीन अमीन व अदनान बशीर समुद्र तल से 19,024 फुट की ऊंचाई पर स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरेबल दर्रे में से एक उमलिंग-ला दर्रे पर सफलतापूर्वक पहुंच गए हैं। दोनों ने यह उल्लेखनीय यात्रा केवल पांच दिनों में पूरी की, जिसमें कुल 406 किलोमीटर की दूरी तय की गई।
लेह से शुरू हुई यह सवारी उन्हें उमलिंग-ला दर्रे तक पहुंचने से पहले उपशी, हाइमाई, न्योमा, हानले और चुसम्यूल सहित क्षेत्र के कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण और सुंदर परिदृश्यों से होकर ले गई। यात्रा के अंतिम दो दिन विशेष रूप से कठिन थे। साइकलिस्ट ने उमलिंग-ला दर्रे पर अपनी अंतिम चढ़ाई करने से पहले हानले से नूरबुला दर्रे के माध्यम से चुसम्यूल तक कठिन भूभाग को पार किया। इस अनुभव को लेकर बात करते हुए एमटीबी कश्मीर के संस्थापक शीन अमीन ने कहा, अंतिम दो दिन खास तौर पर नूरबुला दर्रे से होते हुए हानले से चुसम्यूल और फिर उमलिंग-ला तक का सफर अभियान के सबसे चुनौतीपूर्ण पलों में से एक था। इन चुनौतियों में ही हमें रोमांच का असली सार मिलता है। उमलिंग-ला दर्रे तक की हमारी यात्रा सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं ज्यादा है। यह एक बड़े सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम है। हमारा लक्ष्य नए साइकलिंग मार्गों की खोज करना और कश्मीर व लद्दाख क्षेत्रों की बेमिसाल सुंदरता को बढ़ावा देना है। ऐसे अभियानों के जरिये हमारा लक्ष्य इन क्षेत्रों को न केवल रोमांच के केंद्र के रूप में दिखाना है, बल्कि ऐसे गंतव्य के रूप में भी दिखाना है, जहां प्रकृति की सुंदरता को करीब से देखा जा सके। इस नवीनतम उपलब्धि के साथ शीन अमीन और अदनान बशीर भारत और दुनिया भर के साइकिल चालकों को कश्मीर और लद्दाख के शानदार परिदृश्यों में अपनी खोज की यात्रा शुरू करने के लिए प्रेरित करने की उम्मीद करते हैं।