-पांचवें वित्त आयोग की टीम के साथ बैठक में हिल काउंसिल ने रखी विभिन्न सिफारिशें
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। पांचवें वित्त आयोग की टीम ने हिल काउंसिल लेह और जिले के अधिकारियों संग बैठक कर विकास परियोजनाओं और अन्य मुद्दों पर चर्चा की। परिषद ने जल जीवन मिशन के बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए विशेष अनुदान की मांग की। उन्होंने अनुदान और अन्य फंडों को सीधे परिषद के माध्यम से वितरित करने की अपील की, ताकि वितरण को सरल और प्रभावी बनाया जा सके।
आयोग की टीम का नेतृत्व अनिल कुमार झा कर रहे थे। टीम के सदस्यों में प्रशांत गोयल, डॉ. अमेय सपरे एसोसिएट प्रोफेसर और विनय भूषण सचिव शामिल थे। बैठक में अध्यक्ष/सीईसी ताशी ग्याल्सन और एलएएचडीसी लेह के पार्षदों ने वित्त आयोग के समक्ष सिफारिशों का प्रस्ताव पेश किया। परिषद ने किसान क्रेडिट कार्ड ऋणों को माफ करने का भी प्रस्ताव दिया। इसके अलावा उच्च परिवहन लागत को कम करने के लिए एक परिवहन सब्सिडी की आवश्यकता भी जताई। पर्यटन उद्योग के लिए विशेष प्रोत्साहन की सिफारिश की गई ताकि आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिल सके और रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकें।
परिषद ने पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं की कमी को देखते हुए सामाजिक सुरक्षा समर्थन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों में उचित देखभाल और निकासी सुनिश्चित करने के उपायों की मांग की। परिषद ने एलएएचडीसी लेह को वित्तीय स्वायत्तता बढ़ाने की मांग की और परियोजना कार्यान्वयन को तेज करने के लिए तकनीकी स्वीकृति और प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रियाओं को सरल बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके अतिरिक्त उन्होंने आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सतत कृषि, बागवानी और पशुपालन के लिए अनुदान की मांग की।
एलएएचडीसी लेह के लिए एक जमा खाता बनाने की सिफारिश
स्थानीय रूप से उत्पन्न राजस्व को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने के लिए परिषद ने एलएएचडीसी लेह के लिए एक जमा खाता बनाने की सिफारिश की। उन्होंने जिले के कैपेक्स बजट को बढ़ाने की भी मांग की, जिसका उद्देश्य व्यापक बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को समर्थन देना है। चर्चा में लेह में जैविक खेती को आगे बढ़ाने और सूक्ष्म उद्यमों को सशक्त करने की आवश्यकता को भी बल दिया।
परिषद ने प्रस्ताव दिया कि क्षेत्र को अधिक स्थानीय उत्पादों का उपयोग करना चाहिए। राजस्व के मुद्दे पर परिषद ने सुझाव दिया कि स्थानीय परिषदों द्वारा उत्पन्न राजस्व उनके पास ही रहना चाहिए ताकि यह सामुदायिक परियोजनाओं और कल्याणकारी गतिविधियों के लिए एक अतिरिक्त फंडिंग स्रोत के रूप में काम आ सके।
विभागों में गजेटेड और अन्य पदों को भरने की मांग
सीईसी ग्याल्सन ने निविदा प्रथाओं के बारे में चिंताओं को उठाया और स्थानीय व्यवसायों के लिए 5 करोड़ आईएनआर से कम मूल्य की निविदाओं को आरक्षित करने की सिफारिश की। इसके अलावा लद्दाख में उच्च साक्षरता स्तर को देखते हुए स्थानीय विभागों की जरूरतों को पूरा करने के लिए गजेटेड और अन्य पदों को भरने के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की गई। उपायुक्त संतोष सुखदेव ने परियोजनाओं और योजनाओं के बारे में जानकारी दी और चुनौतियां बताईं। वित्त आयोग ने अध्यक्ष और पार्षदों को आश्वासन दिया कि सभी सिफारिशों और समस्याओं की समीक्षा की जाएगी।