जम्मू। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने मंगलवार को सभी जिलों में नशाखोरी के पीड़ितों के पुनर्वास के लिए मजबूत तंत्र पर विचार करने और उसे अंतिम रूप देने के लिए समीक्षा बैठक की। उन्होंने उपचार के लिए आगे आने वाले प्रत्येक पंजीकृत नशाखोर पीड़ित की निगरानी पर जोर दिया। कहा कि इलाज के बाद ऐसे व्यक्तियों की कई वर्षों तक निगरानी की जानी चाहिए। आजीविका सृजन, कौशल विकास, स्वरोजगार या शिक्षा के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए।मुख्य सचिव ने कहा कि पीड़ितों को उपचार कराने के लिए प्रेरित करना केवल पहला कदम है और पुनरावृत्ति को रोकने के लिए नियमित अनुवर्ती कार्रवाई, परामर्श और आजीविका सहायता द्वारा इसे पूरक बनाया जाना चाहिए। जवाबदेही और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में एक जिला स्तरीय निगरानी तंत्र बनाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान समाज कल्याण विभाग के आयुक्त सचिव सरमद हाफिज ने प्रस्तावित अंतर विभागीय समन्वय तंत्र और पुनर्वास ढांचे के बारे में विस्तृत जानकारी दी। ब्यूरो