फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिछले वित्त वर्ष में आयातक-निर्यातक पंजीकरण में 173 फीसदी वृद्धि हुई : सीएस

विज्ञापन
अ​धिकारियों के साथ बैठक करते मुख्य सचिव
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

जम्मू। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में हस्तशिल्प, एमएसएमई के लिए प्रोत्साहन योजनाओं का मूल्यांकन किया। इस दौरान विश्व बैंक के सहयोग से प्रदेश में हस्तशिल्प और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने की संभावित योजनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों की समीक्षा। इस दौरान कहा कि पिछले वित्त वर्ष में आयातक-निर्यातक पंजीकरण में 173 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
विज्ञापन

बैठक में अधिकारियों को इन योजनाओं को और बेहतर बनाने, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार इसकी प्रभावकारिता और स्वीकार्यता बढ़ाने को कहा। योजना बनाते समय आधुनिक प्रौद्योगिकी, नए डिजाइन, कौशल उन्नयन, ऋण पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। इस दौरान हस्तशिल्प निदेशक कश्मीर ने जम्मू-कश्मीर के कारीगरों के सामने मौजूदा चुनौतियों, शिल्पों की तत्कालीन लोकप्रियता और उनके विकास में आने वाली समस्याओं पर प्रकाश डाला। कारीगरों के लिए सामान्य सुविधा केंद्रों (सीएफसी) की स्थापना का सुझाव दिया गया। बैठक में औद्योगिक आधार के संबंध में बताया गया कि यहां लगभग 7.9 लाख एमएसएमई हैं, जिनमें 7.5 लाख सूक्ष्म, 4500 लघु और 290 मध्यम उद्यम शामिल हैं, जो प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 8 प्रतिशत का योगदान करते हैं। हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र में लगभग 40,000 बुनकर और 3.78 लाख कारीगर एवं शिल्पकार कार्यरत हैं। पिछले वित्त वर्ष में आयातक-निर्यातक पंजीकरण में 173 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।बैठक में प्रमुख सचिव वित्त, आयुक्त सचिव उद्योग एवं वाणिज्य, राजस्व सचिव, महाप्रबंधक जेकेटीपीओ, निदेशक हथकरघा एवं हस्तशिल्प, जम्मू एवं कश्मीर, एमडी, सिडको और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें