जम्मू। दो साल पूर्व राष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित बाल शक्ति पुरस्कार हासिल करने वाले जम्मू के आेंकार सिंह ने नैनो सैटेलाइट तैयार किया है। एक किलो से भी कम वजन के इस नन्हें उपग्रह को बनाने वाले ओंकार ने दावा किया है कि इसकी लांचिंग इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) करने जा रहा है। इसे लेकर ओंकार की इसरो से बातचीत हो चुकी है, लेकिन लांचिंग कब होगी, यह अभी तय नहीं हुआ है।
ओंकार के अनुसार इनक्यूब नाम का यह नैनो सैटेलाइट देश का पहला ओपन सोर्स उपग्रह होगा, जिसका कोई पेटेंट नहीं है। इसकी जानकारी और बिना बदलाव किए इसका मॉडल कोई भी इस्तेमाल कर सकता है। 12वीं के छात्र 16 वर्षीय ओंकार ने बताया कि नैनो सैटेलाइट एक तरह से प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन है, जो कई अपनी क्षमताओं से जुड़ी परीक्षाओं से गुजरकर आंकड़े जुटाएगा। इसरो से जो बातचीत हुई है, उसके मुताबिक नैनो सैटेलाइट को अंतरिक की कक्षा में नहीं भेजा जाएगा, लेकिन जितनी भी ऊंचाई होगी, यह उपग्रह वहां के आंकड़े जुटाएगा। इससे भविष्य में इस तरह के सैटेलाइट तैयार करने में मदद मिलेगी। ई-सुशासन सम्मेलन के आयोजन स्थल पर ओंकार सिंह ने स्टॉल लगाकर इस नन्हें उपग्रह के माध्यम से प्रौद्योगिकी के प्रति जागरूक किया। ओंकार सिंह ने बताया, विदेश में इस तरह के सैटेलाइट की कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर लांचिंग की जाती है, जिस पर एक से दो करोड़ रुपये खर्च आता है। भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी ने अपने ज्यादा अनुभव से इसकी लांचिंग का खर्च 20 से 30 लाख रुपये तक सीमित कर दिखाया है।
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जम्मू से अमेरिका में कर रहे पढ़ाई
ओंकार सिंह जम्मू में रहते हैं और छात्रवृत्ति पर अमेरिका से रिमोट लर्निंग के जरिये 12 की पढ़ाई कर रहे हैं। वर्ष 2020 में ओंकार को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बाल शक्ति पुरस्कार देकर सम्मानित किया था। ओंकार के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। सात वर्ष की उम्र में ओंकार ने वेबसाइट बनानी शुरू कर दी थी। ओंकार ने वेन द टाइम स्टॉप्स शीर्षक से पहली पुस्तक लिखी थी, जिसके बाद ओंकार को दुनिया में सबसे छोटी उम्र के थियोरेटिकल ऑथर का खिताब दिया गया।