जम्मू जिले की बिश्नाह तहसील में सोमवार को दो युवक बस से गिर गए। इनमें से एक मौत हो गई, जबकि दूसरे को मामलू चोटें पहुंची हैं। बताया जा रहा है कि बस का दरवाजा ठीक से बंद नहीं था। दोनों युवक उससे सट कर खड़े थे। अचानक दरवाजा खुल गया और युवक चलती बस से नीचे जा गिरे। हादसे में मरने वाला विक्रम लखोत्रा (26) पुत्र मोहन लाल दो बहनों का इकलौता भाई था। बस चालक ने हादसे के बाद भी बस नहीं रोकी और फरार हो गया। पुलिस ने केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
विक्रम चोरली कॉलोनी गांव का रहने वाला था। हादसे से मोहल्ले में शोक की लहर फैल गई है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। देर शाम परिजनों ने पुरमंडल में विक्रम का अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान हर आंख नम थीं।
जानकारी के अनुसार विक्रम लखोत्रा जम्मू के डिग्याना में किसी प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेंट का काम करता था। रोज की तरह सोमवार को भी विक्रम काम पर जाने के लिए सुबह लगभग 9:00 बजे अरनिया-पंडोरियां वाया बिश्नाह से होकर जाने वाली बस में सवार हुआ था।
बस में अधिक भीड़ होने के कारण विक्रम बस के पिछले दरवाजे के पास खड़ा था। स्थानीय लोगों के अनुसार बस में क्षमता से अधिक सवारियां भरी थीं। विक्रम के परिजनों ने आरोप लगाया कि बस के कंडक्टर ने पिछले दरवाजे को अच्छी तरह से बंद किए बिना ही ड्राइवर को गाड़ी चलाने का इशारा कर दिया।
जैसे ही ड्राइवर ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ाई तो अचानक पिछला दरवाजा अपने आप खुल गया और उसके पास खड़ा विक्रम तथा एक अन्य युवक दोनों चलती बस से नीचे गिर गए। युवकों के नीचे गिरने के बाद भी बस ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी और मौके से फरार हो गया।
दोनों युवकों को नीचे गिरा देखकर कुछ स्थानीय लोग दौड़कर आए और दोनों को उठाया। विक्रम लखोत्रा के सिर में गंभीर चोटें आने के कारण वह अचेत था, वहीं दूसरे युवक को मामूली चोटें पहुंची हैं। लोगों ने विक्रम को तुरंत बिश्नाह उप जिला अस्पताल पहुंचाया जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत लाया घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही बिश्नाह पुलिस ने विक्रम के शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों के हवाले कर दिया। देर शाम परिजनों द्वारा पुरमंडल में विक्रम का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वहीं बिश्नाह पुलिस द्वारा बस चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। मृतक विक्रम अपने परिवार में दो बहनों का इकलौता भाई था और कमाने वाला भी एक ही था। उसके पिता मोहनलाल मजदूरी का काम करते हैं। इस दुखद हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। विक्रम की मां और दोनों बहनों का रो-रो कर बुरा हाल है। उसके पिता गहरे सदमे में हैं। परिवार को विश्वास ही नहीं हो पा रहा कि उनका इकलौता बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। इस दुखद हादसे के कारण पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।