मीरां साहिब। जम्मू-आरएस पुरा सड़क मार्ग पर रतिया मोड़ के पास मिनी बस पलटने से एक महिला की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मिनी बस का चालक भाग निकला, लेकिन बाद में उसने पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दिया। हादसे के वक्त बस नड़ी से आ रही थी और जम्मू जा रही थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हादसा शुक्रवार सुबह दस बजे के करीब हुआ। गांव नडी से मिनी बस नंबर (जेके 02बी-2499) जम्मू जा रही थी। रतिया मोड़ के पास मिनी बस चालक ने सामने के आ रहे बाइक चालक को बचाने की कोशिश की। इस दौरान नियंत्रण से बाहर होने पर मिनी बस पलट गई। सर में चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मिनी बस पलटने पर आसपास के दुकानदारों व मीरां साहिब पुलिस ने घायल यात्रियों को निकाला। पुलिस व स्थानीय लोगो ने पलटी मिनी बस को सड़क से हटवाकर आरएस पुरा-जम्मू सड़क मार्ग खुलवाया। हादसे के बाद मिनी बस का चालक लखविंदर सिंह निवासी नड़ी भाग निकला। बाद में मीरां साहिब पुलिस थाने पहुंचकर हादसे की जानकारी दी और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।
बस में बैठे यात्री राहुल ने कहा कि एक महिला बस से उतरने के लिए सीढ़ी के पास खड़ी थी। मिनी बस पलटने पर उसके सिर में गंभीर चोट आई, जिससे उसकी मौके पर ही जान चली गई। मृतक महिला की पहचान 48 वर्षीय सुमन देवी पत्नी कृष्ण लाल निवासी कुल्लिया के रूप में हुई है। अन्य घायलों में 28 वर्षीय परिचालक सोमनाथ पुत्र बूटी राम निवासी गांव खेपड़ की दोनों टांगें टूट गईं। इसके अलावा 32 वर्षीय पाशी देवी पत्नी पत्नी कृष्ण लाल, निवासी चकरोई, बचनो देवी पत्नी देशराज निवासी खौड़ को आरएस पुरा उपजिला अस्पताल में भेजा गया, जहां से उन्हें जीएमसी जम्मू रेफर किया गया। राहुल कुमार को मामूली चोट आने पर जांच कर घर भेज दिया गया। मीरां साहिब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय निवासी सुरजीत सिंह का कहना है कि पुलिस की ओर से नाके लगाए जाने पर वाहनों की गति की जांच नहीं की जाती। इसके चलते चालक मनमानी कर वाहन चलाते हैं। उन्होंने कहा कि आज तक उन्होंने नहीं सुना कि ट्रैफिक पुलिस ने किसी नाके पर गति नियंत्रण नहीं करने पर चालान काटा हो।
घटनास्थल के पास दुकान चला रहे कृष्ण लाल का कहना है कि जिस प्रकार मिनी बस गति नियंत्रण नही होने पर पलटी, अगर कोई छोटा वाहन समाने अ रहा होता तो कई लोगो को जाने गवानी पड़ती। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।