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Jammu News: मिनी बस खाई में गिरी, 24 स्कूली बच्चे घायल, 12 की हालत गंभीर

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जम्मू। नगरोटा में वीरवार को स्कूली बच्चों को लेकर जा रही मिनी बस (जेके02एस 7741) खाई में गिर गई। हादसे में मिनी बस में सवार 24 बच्चे घायल हो गए। इनमें से 12 को गंभीर चोटें आई हैं। इन्हें जीएमसी में भर्ती कराया गया है। अन्य घायल बच्चों को जगती अस्पताल में उपचार के देकर घर भेज दिया गया। बताया जाता है कि बस 4 पलटे खाने के बाद रुक गई, नहीं तो यह 100 फुट गहरे नाले में जा गिरती।
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बस में सवार बच्चों का कहना है कि उक्त बस पुरानी थी। सही वाली बस को किसी बारात में भेज दिया था। जैसे ही बस एक मोड़ पर पहुंची, तो अनियंत्रित होने के बाद खाई में गिर गई। इस बीच चालक छलांग लगाकर भाग गया। घायल होने वाले सभी बच्चे मां दुर्गा पब्लिक स्कूल पंगाली नगरोटा के हैं। स्कूल से छुट्टी के बाद उक्त मिनी बस बच्चों को उनके घर छोड़ने जा रही थी।
जानकारी के अनुसार हादसा वीरवार को दोपहर तीन बजे नगरोटा के छिब्बा गांव के पास हुआ। यह सभी बच्चे एलकेजी से 8वीं कक्षा तक के हैं। हादसे के बाद जीएमसी में उपचाराधीन बच्चों में नासिर हुसैन(9), आसिफ खान (13), सोनिया अख्तर (12), विकास (10), ताहिर (4), अवनी शर्मा (5), अभिषेक शर्मा (10), माही शर्मा(5), माहिर(5), असद खान(5), आतिश(5), तानिया(10) शामिल हैं।
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मौके पर मची चीख-पुकार, रोते-बिलखते पहुंचे मां-बाप
हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई। जैसे ही मिनी बस पलटी तो बच्चों ने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। मिनी बस में सवार 24 बच्चों में से 7 बच्चे 4 से 5 वर्ष के हैं। इनमें से दो जीएमसी पहुंचे। इनमें अवनी शर्मा और ताहिर शामिल हैं। हादसा होने के बाद आसपास के लोग मौके की तरफ दौड़े। जिस जगह हादसा हुआ वहां से बच्चों के घर भी नजदीक ही थे। इसके कारण बच्चों के मां-बाप भी रोते-बिलखते घटनास्थल पर तुरंत पहुंच गए। सबसे पहले बच्चों को जगती के स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। इसके बाद वहां से 12 बच्चों को जीएमसी रेफर कर दिया, जिनकी हालत गंभीर थी। जीएमसी पहुंचे बच्चे डरे-सहमे दिखाई दे रहे थे। वह सहमे हुए मां-बाप से बातें कर रहे थे।
अस्पताल में मदद के लिए कई लोग आए आगे
हादसे के बाद जैसे ही बच्चे अस्पताल पहुंचे तो उनके उपचार के लिए कई लोग आगे आए, क्योंकि बच्चों के साथ उनके परिवार का एक सदस्य ही था। ऐसे में अस्पताल में मौजूद लोगों ने बच्चों को एक्स रे, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड जैसे अन्य टेस्ट कराने में मदद की। सभी बच्चों को निजी एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ बच्चों के अभिभावक अपने निजी वाहन में उन्हें लेकर आए थे।
धीरे चलने के लिए कहा था, लेकिन चालन ने नहीं सुनीं
चौथी कक्षा का छात्र नासिर हुसैन भी घायल है। उसके पिता मुराद अली ने बताया कि मिनी बस करीब 30 फुट नीचे गिरी है। 4 पलटे खाने के बाद यह बस रुक गई। यदि यह नहीं रुकती तो नीचे नाले में 100 फुट दूर जाकर गिरती और उसके परखच्चे उड़ जाते। शुक्र है कि चार पलटे खाने के बाद रुक गई। उधर, छात्रों का कहना है कि मिनी बस की गति काफी तेज थी। चालक को बार-बार धीरे चलने के लिए कह रहे थे, लेकिन उसने नहीं सुनीं।
बस में बैठते ही लगने लगा था डर
पांचवीं कक्षा की छात्रा सोनिया अख्तर ने बताया कि जिस बस में वह लोग हर रोज आते थे, उस बस को स्कूल वालों ने किसी बरात में भेज दिया। इस कारण हमें पुरानी बस में भेज दिया। एक अंकल ने बताया भी था कि यह मिनी बस खराब है। एक दिन पहले भी इस मिनी बस को भेजा गया था। सोनिया ने कहा कि मिनी बस में बैठते ही डर लगने लगा था, क्योंकि वह खराब थी।
बचाने की बजाय भाग निकला चालक
एक तरफ जहां हादसे में घायल बच्चों की मदद और उनको अस्पताल पहुंचाने के लिए लोग उमड़ पड़े। वहीं मिनी बस का चालक उनको बचाने की बजाय वहां से भाग निकला। इससे अभिभावकों में रोष है। नगरोटा थाना प्रभारी विश्व प्रताप का कहना है कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। फरार चालक की तलाश की जा रही है।
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