संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा । प्रशासन ने आयुष्मान कार्ड की सुविधा को बहाल कर दिया है। इससे गांव मोटे के गारा राम (58) का कहना है कि पिछले दो साल से दोनों किडनियां खराब होने पर उपचार करवाने का प्रयास किया पर ट्रांसप्लांट करवाने के लिए रुपये नहीं होने पर हफ्ते में दो बार डायलिसिस करवा रहा था।
आयुष्मान कार्ड की सुविधा नहीं मिलने पर दिक्कत आ रही थी। अब प्रशासन ने बकाया राशि का निजी क्लीनिक का भुगतान करने पर डायलिसिस सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि निजी क्लीनिक में सुविधा बहाल होने पर जानकारी दिए जाने पर अब सोमवार को डायलिसिस करवाने के लिए जाना है।
चार वर्ष से दोनों किडनियां खराब होने पर बीमार हूं। निशुल्क डायलिसिस की सुविधा नहीं मिलने पर दिक्कत आ रही थी। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के सचिव से निर्देश जारी करने पर अब डायलिसिस की आयुष्मान कार्ड की सुविधा शुरू होने से राहत मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि किडनी के गरीब वर्ग के रोगियों को ट्रांसप्लांट करने का खर्च भी सरकार करे।
प्रिंस, गांव कृष्णा नगर
गैर सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड की सुविधा नहीं मिलने पर लगता था कि खर्च करने में असमर्थ होने पर जीवन भी गंवाना पड़ेगा। अब निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड की सुविधा मिलने पर अमर उजाला का आभार जताया।
आशा कुमारी
गैर सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस के बकाया बिल का भुगतान नहीं होने के कारण 9 जून के बाद से डायलिसिस बंद करने पर किडनी ग्रस्त रोगियों को सुविधा नहीं मिल रही थी। अब सेवा बहाल करने पर किडनी रोग से ग्रस्त लोगों को आयुष्मान कार्ड की सुविधा का लाभ मिलेगा।
कुंदन लाल शर्मा, प्रधान जम्मू-कश्मीर पीपल सेकुलर फोरम